सरकारी +2 विद्यालयों में प्राचार्य पद सूजन के मांग को लेकर झारखण्ड +2 शिक्षक संघ ने राज्यव्यापी आंदोलन प्रारंभ किया है। जिसके तहत राज्य के सभी प्लस टू विद्यालयों में कार्यरत सभी पीजीटी, प्रयोगशाला सहायक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य किया। तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से प्रधान शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपा।
हैशटैग के साथ ट्विटर अभियान चलाया
संघ ने हैशटैग #Create_Principal_Post_InGovtPlus2School के साथ एक ट्विटर अभियान चलाया जिसमें माननीय मुख्यमंत्री जी टैग करते हुए +2 विद्यालयों में जल्द से जल्द प्राचार्य पद सृजित कर बहाली करने की मांग की गई। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद ठाकुर ने कहा कि "एक तरफ सरकार +2 विद्यालयों को उत्कृष्ट और आदर्श विद्यालय बनाने का दावा कर रही है तो वहीं दूसरी ओर इन विद्यालयों का प्रशासन संभालने वाले प्राचार्य पद की नियुक्ति तो दूर की बात उन पदों का दशकों से सूजन भी नहीं किया है। यह सरकार के विरोधाभासी और खोखली नीति को दर्शाता है। प्रांतीय कोषाध्यक्ष उदय शंकर मंडल ने कहा कि राज्य में गुणात्मक शिक्षा की सुनिश्चितता एवं +2 विद्यालयों के समुचित संचालन हेतु आवश्यक है कि सभी +2 विद्यालयों में नियमावली के अनुरूप प्राचार्य (Principal) पद का सृजन तथा नियुक्ति हो। साथ ही, संवर्गीय वरीयता को दृष्टिगत रखते हुए +2 विद्यालयों के संचालन का दायित्व +2 शिक्षक को ही दिया जाय। प्रांतीय संरक्षक सुनील कुमार ने कहा कि संघ पिछले कई वर्षों से लगातार उक्त दोनों विषयों को, जिला कार्यालय से लेकर सचिवालय तक प्रखरता से रखता आया है। परंतु विडंबनापूर्ण स्थिति है कि विभाग द्वारा इस पर सार्थक एवं धरातलीय कार्रवाई अतः बाध्य होकर झारखण्ड +2 शिक्षक संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया है। जिसके प्रथम चरण में आज का यह विरोध कार्यक्रम रखा गया। विभाग तथा सरकार ने यदि इस पर आवश्यक कदम यथाशीघ्र नहीं उठाया तो अगले चरण में इसे नहीं की जा रही है। विभागीय उदासीनता के कारण प्रचार्य पद सृजन की फाइल बीते कुछ वर्षों से शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के बीच पेंडुलम बनाकर रख दी गई है। और भी तीव्र किया जायगा।
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