मामले में आया नया मोड़
इधर मामले में नया मोड़ आया है. इसी माह 16 फरवरी 2023 को मुखिया राजकुमार झारखंड राज्य खाद्य आयोग को पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई. आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया. खाद्य आयोग के सदस्य सचिव संजय कुमार ने 24 फरवरी 2023 को गिरीडीह के अपर समाहर्ता सह जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी को 30 दिनों के अंदर कार्रवाई कर आयोग को सूचित करने का निर्देश दिया है. मुखिया के अनुसार डीएसई ने चावल गबन मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध 15 दिनों के अंदर कार्रवाई करने आश्वासन दिया था. 15 दिनों से अधिक का वक्त गुजर चुका है. अभी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है. मामले को दबा दिया गया है. कार्रवाई नहीं किए जाने पर 23 जनवरी 2023 को खाद्य आयोग को आवेदन भेजकर शिकायत की गई. [caption id="attachment_567623" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="225" /> जांच करते डीएसई विनय कुमार[/caption]
मामला उजागर होने के बाद खंडहरनुमा कमरे में रखा गया चावल
मुखिया राजकुमार ने बताया कि मध्याह्न भोजन का चावल गबन का मामला उजागर हो चुका है. निरीक्षण के दौरान चावल की दस बोरियां कम मिली थी. मामला तूल पकड़ता देख आनन-फानन में चावल की दस बोरियां 4 दिसंबर को गुपचुप तरीके से खंडहरनुमा कमरे में रख दिया गया. जबकि विद्यालय में मध्याह्न भोजन की सामग्री रखने के लिए गोदाम की व्यवस्था है, फिर चावल की बोरियां बाहर क्यों रखी गई? बरामद चावल की क़्वालिटी भी घटिया है. डीएसई और बीईईओ ने जांच के नाम पर महज खानापूर्ति की है. स्कूली बच्चों के निवाले की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=566069&action=edit">यहभी पढ़ें : गिरिडीह : जेवरात चमकाने के बहाने दो महिलाओं से लाखों की ठगी [wpse_comments_template]

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