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बेंगाबाद : एमडीएम का चावल गबन करने का मामला पकड़ा तूल, खाद्य आयोग सख्त

Bengabad ( Giridih) : बेंगाबाद प्रखंड के जेरूआडीह पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय सलैया में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) चावल  गबन का मामला तूल पकड़ चुका है. मामला वर्ष 2022 दिसंबर माह का है. पंचायत के मुखिया राजकुमार 3 दिसंबर 2022 को उत्क्रमित उच्च विद्यालय सलैया जाकर निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान स्टॉक में चावल की दस बोरियां कम मिली. मामले की शिकायत बेंगाबाद बीईईओ से की गई. 5 दिसंबर को बीईईओ कोलेश्वर दास जांच के लिए विद्यालय पहुंचे. जांच के क्रम में चावल की 10 बोरियां गोदाम से अलग विद्यालय के एक खंडहरनुमा कमरे में पाया गया. जांच में चावल की 10 बोरियां गोदाम से अलग पाए जाने के बाद भी बीईईओ ने चावल गबन मामले को नकार दिया. दो टूक शब्दों में कहा कि लोगों ने चावल गबन का दुर्भावना फैलाया है. बीईईओ की जांच से संतुष्ट नहीं होने के बाद मामले की शिकायत डीएसई विनय कुमार से 2 जनवरी 2023 को की गई. वे जांच करने विद्यालय पहुंचे. उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य धनंजय प्रसाद से जानकारी मांगी. खंडहरनुमा कमरे में चावल की बोरियां पाए जाने के बारे में भी पूछताछ की. प्राचार्य जिला शिक्षा अधीक्षक को संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके.

मामले में आया नया मोड़

इधर मामले में नया मोड़ आया है. इसी माह 16 फरवरी 2023 को मुखिया राजकुमार झारखंड राज्य खाद्य आयोग को पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई. आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया. खाद्य आयोग के सदस्य सचिव संजय कुमार ने 24 फरवरी 2023 को गिरीडीह के अपर समाहर्ता सह जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी को 30 दिनों के अंदर कार्रवाई कर आयोग को सूचित करने का निर्देश दिया है. मुखिया के अनुसार डीएसई ने चावल गबन मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध 15 दिनों के अंदर कार्रवाई करने आश्वासन दिया था. 15 दिनों से अधिक का वक्त गुजर चुका है. अभी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है. मामले को दबा दिया गया है. कार्रवाई नहीं किए जाने पर 23 जनवरी 2023 को खाद्य आयोग को आवेदन भेजकर शिकायत की गई. [caption id="attachment_567623" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/dse-vinay-kumar-300x225.jpeg"

alt="" width="300" height="225" /> जांच करते डीएसई विनय कुमार[/caption]

मामला उजागर होने के बाद खंडहरनुमा कमरे में रखा गया चावल

मुखिया राजकुमार ने बताया कि मध्याह्न भोजन का चावल गबन का मामला उजागर हो चुका है. निरीक्षण के दौरान चावल की दस बोरियां कम मिली थी. मामला तूल पकड़ता देख आनन-फानन में चावल की दस बोरियां 4 दिसंबर को गुपचुप तरीके से खंडहरनुमा कमरे में रख दिया गया. जबकि विद्यालय में मध्याह्न भोजन की सामग्री रखने के लिए गोदाम की व्यवस्था है, फिर चावल की बोरियां बाहर क्यों रखी गई? बरामद चावल की क़्वालिटी भी घटिया है. डीएसई और बीईईओ ने जांच के नाम पर महज खानापूर्ति की है. स्कूली बच्चों के निवाले की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=566069&action=edit">यह

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