Bermo: लंबे समय बाद 26 अप्रैल को 10 मजदूर वतन वापस लौट आए. इसके अलावा वहां बोकारो, गिरिडीह और हजारीबाग के और भी 20 मजदूर फंसे हैं. मलेशिया से मजदूरों के साथ रह रहे रोहित कुमार ने कहा कि उन्हें दूतावास वालों ने एक गुरुद्वारे में रहने की व्यवस्था कराई है. जहां अभी भी वापसी के इंतजार में पड़े हैं. उन्होंने कहा कि वे लगातार दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में हैं. उन्हें वतन वापसी का आश्वासन ही मिल रहा है. देखें वीडियो- https://www.youtube.com/watch?v=oavs8PcfsQo
उन्होंने कहा कि जनवरी में ही उनका वीजा समाप्त हो गया. वह काम से बैठ गए हैं. कहा कि वह बाहर पैसा कमाने के लिए जाते हैं, ताकि उनकी घर की माली हालत सुधर सके. परिवार का भरण पोषण हो सके. लेकिन मलेशिया में बिना काम के रहने से वे अपने घर पैसा कमा कर नहीं भेज पा रहे हैं. जिसकी चिंता उन्हें सता रही है. उन्होंने कहा कि यह बात दीगर है कि गुरुद्वारे में उनकी खाने-पीने की चिंता नहीं है. लेकिन जिस मकसद से वह घर से इतनी दूर बाहर निकले थे. वह मकसद पूरा नहीं हो रहा है. उन्होंने भारत और झारखंड सरकार से मांग किया है कि उनकी जल्द से जल्द घर वापसी कराई जाए ताकि वह अपने परिवार के साथ रह सके. स्थानीय स्तर पर काम करके अपने परिवार का भरण पोषण कर सके. मालूम हो कि 3 साल पहले लगभग 30 मजदूर मलेशिया में काम करने गए थे. उनकी वीजा जनवरी में ही समाप्त हो गई थी. इसके बाद से वह वहां फंसे हुए हैं. जिसमें से 10 मजदूरों की वापसी 26 अप्रैल को हुई है. 20 मजदूर अभी भी वापसी के इंतजार में फंसे हैं. इसे भी पढ़ें- [wpse_comments_template]
बेरमो: मलेशिया में फंसे हैं 20 मजदूर, वतन वापसी की गुहार

Leave a Comment