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बेरमो : 77 हज़ार आंगनबाड़ी कर्मियों को 6 माह से नहीं मिला है मानदेय, घर चलाना हुआ मुश्किल

Bermo : 77 हज़ार आंगनबाड़ी कर्मियों को पिछले छः माह से मानदेय नहीं मिला है. आंगनबाड़ी में कार्यरत सेविका और सहायिकाओं को अब तो घर चलाना मुश्किल हो गया है. इस संबंध में झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री देवंती देवी ने कहा कि 6 माह से केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली मानदेय की राशि लंबित है. वहीं राज्य सरकार द्वारा भी दी जाने वाली मानदेय चार माह से नहीं मिली है. कुछ जिले में राज्यांश का मानदेय भुगतान हुआ है लेकिन ज्यादातर जिलों में अभी भी भुगतान लंबित है. इसे भी पढ़ें- किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-amrit-mahotsav-of-independence-celebrated-in-various-schools/">किरीबुरू

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“सरकार मानदेय भुगतान मामले में उदासीन

मानदेय नहीं मिलने के कारण उन्हें कई संकटो का सामना करना पड़ रहा है. कई पर्व त्योहार गुजर गए लेकिन मानदेय का भुगतान नहीं हुआ. आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाएं केंद्र चलाने के साथ साथ सरकार द्वारा चलाये जा रहे विकास योजनाओं का भी काम कर रही हैं, लेकिन सरकार मानदेय भुगतान मामले में उदासीन हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में 38432 आंगनबाड़ी केंद्र है. जिसमें करीब 77 हज़ार सेविका एवं सहायिका कार्यरत है. बता दें कि आंगनबाड़ी सेविकाओं को केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त मद से मानदेय दिया जाता है. इसे भी पढ़ें- चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-government-should-give-sand-ghats-to-gram-sabha-zip-member/">चाईबासा

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नहीं मिली पोषाहार की राशि

आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को पोषाहार दिया जाता है. इस निमित्त केंद्र की सेविका पोषाहार खरीदकर बच्चों खिलाती हैं. पोषाहार खरीदने के बाद बिल वाउचर जमा करने पर विभाग पैसा सेविका के खाते में भेज देती है. इधर तीन महीने से अब तक खर्च किए गए बालबाड़ी की राशि सेविकाओं को नहीं मिली है. संघ के महामंत्री ने कहा विभाग जल्द मानदेय और बालवाड़ी का भुगतान करे, ताकि आंगनबाड़ीकर्मी काम के साथ-साथ अपने परिवार का भी भरण-पोषण कर सके.

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