Bermo: फुसरो नगर परिषद क्षेत्र के करगली बाजार स्थित गुरुद्वारा में गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा कमेटी ने 23 मई को गुरु अर्जुन देव जी का 417 वां छबील शहीद दिवस धूमधाम में मनाया. इस दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया. कमेटी ने हलवा चना और मीठे ठंडा शरबत और लंगर की व्यवस्था की गई. कमेटी के अध्यक्ष लाल सिंह ने कहा आज ही के दिन सिख समुदाय गुरु के शहीदी दिवस को मीठे पानी वाला गुरुपर्व नहीं बल्कि स्मरण करने का संकल्प लेने वाला पर्व के रूप मनाते हैं. गुरु जी को गर्म तवे पर बैठाकर उन पर गर्म रेत डाला जाता रहा इसके बावजूद वे शांत रहे. उनका शरीर तप रहा था लेकिन उनका मन अकाल पुरख से जुड़ा हुआ था. उनकी शहादत को लासानी (अनोखी) शहादत कहा जाता है. सिख इतिहास में गुरु अर्जुन देव पहले सिख गुरु हुए. उनकी याद में ही छबील लगाई जाती है. सिख धर्म के पांचवे गुरु अर्जून देव जी का जन्म 15 अप्रैल 1563 में हुआ था. उस दिन कडाह और चना प्रसाद व मीठा ठंडा जल वितरित किया जाता है. मौके पर बाबा तरसेम सिंह, सचिव लेना सिंह, मुन्ना खालसा, जगतार सिंह, रवि चावड़ा, गुरमुख सिंह, गुरमीत सिंह, बबली सिंह, लवप्रीत सिंह, गुरजीत सिंह, रतन सिंह आदि मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=645285&action=edit">यह
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बेरमो : मनाया गया गुरु अर्जुन देव जी का 417 वां छबील शहीद दिवस
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