Bermo : बेरमो अनुमंडल के गोमिया प्रखंड अंतर्गत स्वांग संयुक्त ग्रामीण जलापूर्ति योजना का निर्माण कराया गया है. डीएमएफटी मद की इस योजना के पीछे उद्देश्य था कि वर्षों से जलसंकट से जूझ रहे हजारी पंचायत के गंझूडीह, स्वांग बस्ती, वन वी और करमटिया, पिपराडीह आदि के लगभग पांच हजार आबादी तक पानी पहुंचाई जा सके. लेकिन स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि व पीएचईडी के अधिकारी इस योजना का लाभ सीसीएल के क्वार्टरों में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों को दे रहें हैं. इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई कि उनके घर तक इस योजना का पानी नहीं मिल सकेगा. हजारी पंचायत के पूर्व पंसस सोमनाथ गंझू, ग्रामीण नरेश प्रजापति, परमेश्वर प्रजापति, राजू राम आदि ने बताया कि साढ़े सात करोड़ की लागत वाली इस योजना के उद्देश्य और नियम के विपरीत जाकर पीएचईडी के अधिकारी कार्य करने पर तुले हैं. इस संबंध में तेनुघाट के कार्यपालक अभियंता शशि सिंह ने कहा कि जिन्हें पानी की आवश्यकता है, उन्हें दिया जा सकता है. लेकिन यदि संबंधित व्यक्ति के यहां पहले से पानी का कनेक्शन है तो उसे नहीं दिया जाएगा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=657821&action=edit">यह
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बेरमो : स्वांग ग्रामीण जलापूर्ति योजना का क्वार्टरों में दिया जा रहा कनेक्शन
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