इस संबंध में पूछे जाने पर बोकारो डीसी कुलदीप चौधरी ने बताया कि जो वस्तु स्थिति है उस संबंध में सभी निर्वाची पदाधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है.
क्या है बोकारो डीसी का पत्र
जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) -सह- उपायुक्त, बोकारो ने 24 अप्रैल को भारत सरकार के द्वारा झारखंड की कुछ जातियों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में अधिसूचित करने के संबंध में जिले के सभी निर्वाची पदाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा है. पत्र में भारत सरकार के राजपत्र संख्या-08 में 08 अप्रैल, 2022 को अधिसूचना निर्गत तिथि से ही प्रभावी होने की बात कही है. उक्त राजपत्र के आलोक में खरवार, भोगता, देशवारी, गंझु, दौतलबन्दी (द्वालबंदी), पदबंदी, राउत, मझीया, खैरी (खेरी), तमाड़िया एवं पुरान जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल कर दिया गया है. इसे भी पढ़ें-ममता">https://lagatar.in/mamta-wants-infiltration-to-continue-in-bengal-we-will-implement-caa-to-stop-it-shah/">ममताचाहती हैं बंगाल में जारी रहे घुसपैठ, रोकने के लिए हम लागू करेंगे CAA : शाह मालूम हो कि झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचना सं.-541 और तिथि 09.04.2022 से पंचायतीराज संस्थाओं के विभिन्न पदों पर निर्वाचन के लिए घोषणा की गयी है एवं चुनाव की प्रक्रिया भी प्रारम्भ है. भारत सरकार से निर्गत उक्त गजट में शामिल जातियों के द्वारा यदि अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पदों के पर नाम निर्देशन पत्र दाखिल किया जाता है तथा उनके साथ पूर्व से निर्गत अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण पत्र संलग्न किया जाता है तो उसे स्वीकार किया जाय. क्योंकि अनुसूचित जनजाति में शामिल किये गये इन जातियों के लिए जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखण्ड, रांची अन्तर्गत प्रक्रियाधीन है. इसे भी पढ़ें-बोकारो:">https://lagatar.in/bokaro-38-candidates-filed-nomination-from-chas-and-chandankiyari-block-area/">बोकारो:
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