Anant Kumar Bermo: पंचायत चुनाव की घोषणा हो चुकी है. इसकी चर्चा हर जगह हो रही है. कई लोग अब पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे हैं. पंचायत चुनाव 2022 के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं. इसके लिए प्रत्याशी को किसी वार्ड या निवार्चन क्षेत्र में संबंधित पंचायत क्षेत्र के मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है. उसकी आयु 21 वर्ष होनी चाहिए. वार्ड सदस्य के चुनाव के लिए प्रत्याशी का नाम उसी वार्ड के मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए. इसी तरह के नियम जिला परिषद सदस्य के अभ्यर्थियों के लिए है. उसका प्रस्तावक संबंधित पंचायत समिति/जिला परिषद के अन्तर्गत आने वाले संबंधित क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता हो सकता है. चुनाव लड़ने के इच्छुक व्यक्ति को ऐसी किसी अयोग्ता से मुक्त होनी चाहिए जो झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 की धारा 19, 38 और 53 में है. जो व्यक्ति मतदाता के रूप में अयोग्य है, वह किसी अभ्यर्थी का प्रस्तावक नहीं हो सकता है. प्रखंड या जिले के किसी विभाग द्वारा प्रायोजित योजना के संवेदक त्रिस्तरीय पंचायत निकायों के निर्वाचन में अभ्यर्थी हो सकते हैं. सेवानिवृत्त सरकारी सेवक और जन वितरण प्रणाली के अनुज्ञप्तिधारी विक्रेता को पंचायत निकाय के सदस्य पदधारी के रूप में निर्वाचित होने की अहर्ता प्राप्त होगी. कमीशन के आधार पर कार्य करने वाले अभिकर्ता पंचायत चुनाव लड़ सकते हैं. कोल्हान क्षेत्र में मानकी मुंडा व्यवस्था के अंतर्गत कार्य करने वाले मानकी, मुंडा और डाकुआ पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बन सकते हैं. ग्राम प्रधान पंचायत निर्वाचन में उम्मीदवार हो सकते हैं. गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं का पंचायत निर्वाचन में भाग लेने पर रोक नहीं है. लेकिन उन्हें सरकारी स्तर से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिलनी चाहिए. इसे भी पढ़ें- देवघर">https://lagatar.in/deoghar-dumka-woman-trapped-in-trikuti-mountain-ropeway-rescued-by-air-force-team/">देवघर
: त्रिकुटी पहाड़ रोपवे में फंसी दुमका की महिला को एयर फोर्स की टीम ने बचाया कोई भी अभ्यर्थी जो राज्य सरकार या केंद्र सरकार की सेवा में कार्यरत हो, पंचायत चुनाव के किसी पद के लिए उम्मीदवार नहीं हो सकता है. कोई भी अभ्यर्थी केवल एक ही निर्वाचन क्षेत्र से अभ्यर्थी हो सकता है, भले ही उसका नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज हो. पंचायत के अंतर्गत मानदेय पर कार्यरत आंगनबाड़ी सेविका पंचायत निकाय के सदस्यों के रूप में निर्वाचन में भाग नहीं ले सकती हैं. यही नियम झारखंड शिक्षा परियोजना साक्षरता अभियान विशेष शिक्षा केंद्रों में मानदेय पर कार्यरत अनुदेशक पर भी लागू है. इसे भी पढ़ें- JNU">https://lagatar.in/no-meat-in-jnu-the-real-issue-was-to-disrupt-ram-navami-puja-abvp-accused-the-left/">JNU
में मांस नहीं, रामनवमी पूजा भंग करना था असल मुद्दा, ABVP का लेफ्ट पर आरोप [wpse_comments_template]
बेरमो: पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशियों में उत्साह, मानकी को मिलेगा अवसर

Leave a Comment