: मरीज़ के मौत मामले में उपायुक्त ने दिया डॉक्टर पर एफआईआर का आदेश
21 अगस्त की रात से ही राजेन्द्र था लापता
जब राजेंद्र के मामा ने उसकी खोजबीन शुरू की तो राजेन्द्र का बनियान रास्ते में मिला, वहीं कुछ दूरी पर अशोक महतो का चप्पल मिला. तब उसके मामा को अनहोनी की आशंका हुई और 22 अगस्त के दूसरे दिन राजेंद्र के बड़े भाई विरेंद्र प्रजापति को सूचना दी गयी, कहा कि राजेंद्र 21 अगस्त की रात से लापता है. जानकारी मिलते ही विरेंद्र प्रजापति अपने सहयोगियों के साथ उड़ीसा पहुंचे वहां उन्होंने सीधे सुंदरगढ़ जिला अंतर्गत हेमगीर थाना पहुंचे. वहां पर पुलिस पदाधिकारियों से बातचीत हो ही रही थी, उसी समय किसी ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को जानकारी दी कि एक छोटा सा तालाब में एक व्यक्ति का शव तैर रहा है. इसी सूचना पर पुलिस और राजेंद्र के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि वह राजेंद्र प्रजापति ही है. इसके बाद पुलिस ने अशोक महतो, पंकज महतो और ललकु महतो को हिरासत में लेकर पूछताछ की है. पूछताछ में तीनों ने घटना की बात को स्वीकार की है. सभी को जेल भेज दिया गया. इसे भी पढ़ें-अभावों">https://lagatar.in/simdega-terror-of-gajraj-targeted-three-houses/">अभावोंसे गुजर रहा बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय [wpse_comments_template]

Leave a Comment