क्या है मामला
बेरमो के जगेश्वर बिहार थाना क्षेत्र के लुगू पहाड़ की तलहटी स्थित डाकासाड़म गांव के निकट जगंल में 29 जून की सुबह सीआरपीएफ और नक्सलियों के बीच गोलीबारी की घटना हुई थी. उस समय नक्सलियों का दमन विरोधी सप्ताह चल रहा था. सीआरपीएफ के जवान सर्च ऑपरेशन में जा रहे थे. लुगू पहाड़ी की तलहटी में नक्सलियों के साथ आमना सामना होने पर दोनों ओर से फायरिंग हुई. सीआरपीएफ जवानों द्वारा फायरिंग करने पर नक्सली घने जंगलों की ओर भाग गए थे. इस मामले पर जगेश्वर बिहार थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. जिसमें पूछताछ के लिए रूपेश सिंह को रिमांड पर लिया गया था.रुपेश पर नक्सलियों के लिए फंड का इंतजाम करने का आरोप
पत्रकार रूपेश सिंह को माओवादियों के लिए फंड का इंतजाम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पिछले साल 2021 में सरायकेला जिले के कांड्रा थाना कांड संख्या 67/21 एक मामला दर्ज किया गया था. इसी मामले में झारखंड पुलिस ने रूपेश को गिरफ्तार किया है. दर्ज मामले में सीपीआई (माओवादी) के वरिष्ठ नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा भी आरोपी हैं. पुलिस का आरोप है कि रूपेश सिंह माओवादियों के लिए फंड का इंतजाम करता था. झारखंड पुलिस के प्रवक्ता अमोल वी होमकर पहले ही बता चुके हैं कि पत्रकार रूपेश को रामगढ़ जिले में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था. रूपेश पर माओवादी नेता प्रशांत बोस के साथ संबंध होने का भी आरोप है. इसे भी पढ़ें- बड़ी">https://lagatar.in/big-news-hearing-in-hemant-sorens-case-completed-in-eci-waiting-for-verdict/">बड़ीखबर : ECI में हेमंत सोरेन के मामले में सुनवाई पूरी, फैसले का इंतजार तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता रोहित ठाकुर और आकाश सिंह ने बताया कि रूपेश सिंह का नाम उन पत्रकारों की सूची में भी था, जिन्हें पेगासस स्पाइवेयर के जरिए निशाना बनाया गया था. उन्होंने बताया कि रूपेश सिंह जो सरायकेला जेल में बंद थे, उन्हें जगेश्वर बिहार थाना कांड संख्या 16/22 में 96 घंटे के लिए रिमांड में लिया गया था. रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें सरायकेला जेल भेज दिया गया. इसे भी पढ़ें- अधिवक्ता">https://lagatar.in/ed-will-come-to-ranchi-with-advocate-rajiv-kumar-the-court-ordered/">अधिवक्ता
राजीव कुमार को लेकर रांची आएगी ED, कोर्ट ने दिया आदेश [wpse_comments_template]

Leave a Comment