Bermo : इण्डियन एक्सप्लोसिब्स वर्कर्स यूनियन (एचएमएस) और सीटू से संबद्ध इंडस्ट्रियल मजदूर यूनियन (गोमिया शाखा) ने 7 मई को आइइएल स्थित यूनियन कार्यालय में संयुक्त प्रेस कांफ्रेस कर कंपनी प्रबंधन पर मजदूर एकता तोड़ने का आरोप लगाया है. इण्डस्ट्रियल मजदूर यूनियन के महासचिव रामचंद्र ठाकुर और एचएमएस के उपाध्यक्ष संतोष कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से कहा कि विगत दिनों तथाकथित एक यूनियन ने सदस्यता के गलत आंकड़ें पेश कर इन दोनों यूनियनों को खारिज कर अपनी यूनियन की मान्यता देने की मांग उठाई थी. प्रेस कांफ्रेस में दोनों पदाधिकारियों ने उस तथाकथित यूनियन के मांग की कड़े शब्दों में भर्त्सना की. दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि आइइएल मजदूरों के वेतन समझौता की अवधि समाप्त होने वाली है. मजदूरों के हित में हो यह समझौता हो इसके लिए मजदूर एकता की जरूरत है. मजदूरों के लिए यह समय अहम है. इस खास समय को देखते हुए यूनियनों के बीच आपसी संघर्ष कराकर मजदूर एकता की तोड़ने की कोशिश की जा रही है. तथाकथित यूनियन ने इस दोनों यूनियन के रजिस्ट्रेशन रद्द करने की राग अलापना शुरू किया है. सच्चाई यह है कि झारखंड गठन के पूर्व संयुक्त बिहार के समय से 980 यूनियन रजिस्टर्ड थी. तकनीकी कारणों से बिहार सरकार के श्रम नियोजन विभाग ने कई यूनियनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया. इसमें यूनियनों की गलती नहीं है. विभिन्न यूनियन प्रतिवर्ष ट्रेड यूनियन एक्ट के तहत झारखंड सरकार के श्रम विभाग में रिटर्न जमा करती है. दोनों ने कहा कि झारखण्ड की सभी मजदूर यूनियनों के सामूहिक दबाव पर झारखण्ड सरकार के श्रम विभाग ने फिर से निबंधन कराने का निर्देश दिया है. इस दोनों यूनियन ने निबंधन को लेकर संबंधित अधिकारी के पास आवेदन दिया है. झारखण्ड सरकार ने इस दोनों यूनियन की रजिट्रेशन रद्द नहीं किया है. इसी बीच तथाकथित यूनियन ने मान्यता देने की मांग की है. यह सरासर मजदूरों के जनतांत्रिक अधिकार पर हमला है. मजदूरों से अपील है कि इस तरह के भ्रमित करने वाले बातों का विरोध करें. मौके पर दोनों यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=629420&action=edit">यह
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बेरमो : इंडस्ट्रियल मजदूर यूनियन व एचएमएस ने मजदूर एकता तोड़ने का प्रबंधन पर लगाया आरोप

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