alt="" width="600" height="400" /> लुदु मांझी[/caption] गोमिया प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष लुदु मांझी बड़कीपुनु पंचायत के बेलडीह गांव के निवासी हैं. उन्होंने कहा कि महंगाई बाजार में है संसद में नहीं है. आम जनता महंगाई से परेशान हैं, लेकिन सत्ता पक्ष और उनके सांसद को महंगाई नहीं दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि वे गांव में रहते हैं और साधारण व्यक्ति हैं. खेती और किसानी से ही उनके परिवार का भरण पोषण होता है. वे लोग किसी तरह से अपना जीवन यापन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि गांव के लोगों को सरकार द्वारा गेहूं और चावल नहीं मिलता तो जिंदगी चलाना मुश्किल हो जाता. [caption id="attachment_381390" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> रामबृक्ष मुर्मू[/caption] गोमिया प्रखंड अंतर्गत सियारी पंचायत के मुखिया रामबृक्ष मुर्मू हैं. किसान हैं और गांव में रहते हैं. उन्होंने कहा कि महंगाई हमेशा गरीबों के लिए अभिशाप बनकर आती है. यह बात अलग है कि महंगाई से मध्यम वर्ग भी परेशान है. सबसे अधिक परेशानी गरीबों को होती है. एक ओर लोगों को काम नहीं मिलता है, वहीं दूसरी ओर खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं. इससे परिवार का भरण पोषण मुश्किल हो रहा है. [caption id="attachment_381391" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> पौलुश टुडू[/caption] कर्री पंचायत के पूर्व पंसस और बीस सूत्री कमेटी के सदस्य पौलुश टुडू ने कहा कि महंगाई से सबसे ज्यादा परेशानी गांव के लोगों को होती है. उनके पास खेती और किसानी के अलावा दूसरा कोई कमाई का साधन नहीं होता है. इस वर्ष वर्षा भी नहीं हो रही है. ऐसे में महंगाई की मार से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सभी चीजों के दामों में बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण जीना मुहाल हो गया है. [caption id="attachment_381392" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> अशोक कुमार स्वर्णकार[/caption] अशोक कुमार स्वर्णकार गोमिया के निवासी हैं. छोटे से दुकान से अपना परिवार का भरण पोषण करते हैं. अचानक सभी चीजों के दामों में बढ़ोतरी हो जाने से अब ग्राहक उनके पास कम आते हैं. शादी विवाह के समय भी लोग पहले जिस तरह से खरीदारी करते थे, उस प्रकार अभी खरीदारी नहीं करते हैं. कम समान में ही वह काम चलाते हैं, ताकि उनका घर का बजट बिगड़ ना जाए. [caption id="attachment_381394" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> आनंद जायसवाल[/caption] आनंद जायसवाल का गोमिया चौक पर राशन का दुकान है. महंगाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री में जीएसटी लगने के कारण दामों में वृद्धि हो गई है. पहले जो 25 किलो का चावल सात सौ रुपये में आता था अब उसकी कीमत बढ़ गई है. आटा, दाल, तेल यहां तक कि बिस्कुट के दाम भी बढ़ गए हैं. ग्राहक सिर्फ काम चलने भर तक सामान ले जाते हैं. पहले लोग होर्लिक्स, काजू, पिस्ता बादाम सहित अन्य कई तरह के विटामिन से संबंधित सामान की खरीदारी करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है. इसे भी पढ़ें- बॉक्स">https://lagatar.in/the-magic-of-hindi-cinema-is-not-working-at-the-box-office-souths-films-have-won/">बॉक्स
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