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बेरमो : झारखंड आवास बोर्ड ने फिर क्वार्टर खाली करने का दिया नोटिस, जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर लगा प्रश्नचिन्ह

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Bermo : झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने एक बार फिर गोमिया आवासीय कॉलोनी में रहने वाले लोगों को नोटिस थमा दिया है. जबकि पिछले 22 जून को उच्च न्यायालय के आदेश पर 57 आवास को खाली कराया गया है. दरअसल झारखंड आवास बोर्ड का गोमिया में करीब 1010 क्वार्टर है. जिसमें से करीब 100 र्क्वाटर लीज पर दिया गया है. शेष आवास पर अवैध रूप से कब्जा है, जिसे खाली कराने को लेकर आवास बोर्ड मसकत कर रही है. इसके पहले 65 लोगों को इस संबंध में नोटिस दिया गया था, उन्हें 28 जून को झारखंड राज्य आवास बोर्ड के सक्षम प्राधिकार के न्यायलय में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था. लेकिन न्यायालय ने उनकी एक नहीं सुनी और क्वार्टर खाली करने को कहा. इधर फिर से 30 लोगों को नोटिस जारी कर दिया है. (पढ़ें, इंडिगो">https://lagatar.in/warning-siren-started-ringing-in-indigo-plane-without-any-reason-inquiry-ordered/">इंडिगो

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जनप्रतिनिधियों ने दिया था आश्वासन

गोमिया के विधायक डॉ लंबोदर महतो और पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद से यहां के लोगों ने मिलकर अपनी वेदना साझा की थी. नेता द्वय ने आवास बोर्ड के आवास में रहने वाले लोगों को आश्वस्त किया था कि अब से उन्हें चिंता करने की बात नहीं है. वे बेफिक्र होकर आवास में रह सकते हैं. लेकिन एक बार फिर नोटिस मिलने के बाद लोग चिंतित हैं. इसे भी पढ़ें : पाकुड़">https://lagatar.in/pakur-conspiracy-to-destabilize-cm-hemant-soren-will-not-succeed-gopal-singh/">पाकुड़

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बोर्ड ने फ्लैट से निष्कासित नहीं करने का कारण न्यायालय में दाखिल करने को कहा

कार्यपालक अभियन्ता, झारखंड राज्य आवास बोर्ड, धनबाद प्रमंडल द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि आपने झारखंड राज्य आवास बोर्ड के आवास में नाजायज फायदे के लिए 01 जनवरी 1995 से अवैध कब्जा कर रखा है. लिहाजा झारखंड राज्य आवास बोर्ड अधिनयिम 2000 की धारा-59/83 के अंतर्गत आपको प्रतिवादी बनाया गया है. इसके साथ ही झारखंड राज्य आवास बोर्ड के नियम अनुसार उपरोक्त फ्लैट से आपको निष्कासित करने तथा नुकसान की राशि प्रति सौ वर्गमीटर भूमि के लिए 20.00 रू./ निर्मित के लिए 50.00 रू. प्रतिदिन की दर से 01 जनवरी 1995 से 09 अप्रैल 2018 तक कुल 1,69,235/ रूपये की वसूली के लिए आदेश पारित करने के लिये इस न्यायालय में वाद दाखिल किया गया है. इस नोटिस के माध्यम से आप स्वयं या अपने प्राधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से न्यायालय में उपस्थित होकर 23 अगस्त 2022 को कारण पृच्छा दाखिल करें. आपको उपरोक्त फ्लैट से निष्कासित करने तथा हर्जाना की वसूली के आदेश क्यों नहीं पारित की जाये. इसे भी पढ़ें : सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-orders-to-abolish-coa-aiff-elections-postponed-for-a-wee/">सुप्रीम

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