alt="" width="200" height="300" /> सौम्या सलोनी, बोकारो की छात्रा[/caption]
डीसी ने लिया त्वरित संज्ञान
सौम्या ने बता कि उसने 7 मई की रात को बोकारो डीसी से बात की. डीसी ने मामले पर तुरंत संज्ञान लिया और आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षित वापसी के लिए त्वरित कार्रवाई की जा रही है. 8 मई को मुख्य सचिव से डीसी ने बात कर आगे की कार्यवाही की जानकारी दी है. सभी विद्यार्थियों के डिटेल जानकारी मांगी गई है ताकि वापसी की कार्यवाही शुरू की जा सके. [caption id="attachment_630701" align="alignnone" width="300"]alt="" width="300" height="259" /> स्नेहा कुमारी, साहिबगंज की छात्रा[/caption] [caption id="attachment_630702" align="alignnone" width="200"]
alt="" width="200" height="300" /> शिवशंकर पूर्ति, पश्चिमी सिंहभूम का छात्र[/caption] [caption id="attachment_630703" align="alignnone" width="278"]
alt="" width="278" height="300" /> बलदेव सिंह, रामगढ़ का छात्र[/caption]
कई राज्यों ने अपने विद्ययार्थियों को किया एयरलिफ़्ट
सौम्या ने बताया कि 22 अप्रैल से आगजनी की घटना शुरू हुई. लेकिन यह अनुमान नहीं था कि आगजनी और हिंसा की घटना शहरों तक पहुंच जाएगी. उसी समय से यहां पढ़ाई बंद है. हर शाम को स्थिति नाजुक हो जाती है. आसपास धमाके की आवाज आती रहती है. भय का वातावरण बना हुआ है. लिहाजा वे वापस घर लौटना चाहतीं हैं. यहां मेघालय, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा सहित अन्य राज्य के विद्यार्थियों को वहां की सरकार ने एयरलिफ़्ट किया है. यह">https://lagatar.in/bokaro-2402-candidates-appeared-in-neet-ug-exam-72-remained-absent/">यहभी पढ़ें : बोकारो : नीट यूजी की परीक्षा में 2402 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा, 72 रहे अनुपस्थित [wpse_comments_template]

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