माओवादियों ने 21 जनवरी को किया था भगौड़ा घोषित
बता दें कि 15 जनवरी से ही बोकारो जिला के गोमिया थाना क्षेत्र के असनापानी गांव से मिथिलेश सिंह की लापता होने की जानकारी सार्वजनिक हो गई थी. जिसके बाद 21 जनवरी को भाकपा माओवादी के रीजनल कमिटी ने पर्चा जारी कर उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था. 25 दिन बाद उसके सरेंडर होने की घोषणा पुलिस ने की है. बोकारो डीसी कुलदीप चौधरी व एसपी चंदन झा ने कहा कि राज्य में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इससे नक्सली संगठनों में दहशत का माहौल है. यही वजह है कि छोटे से लेकर बड़े नक्सली आत्मसमर्पणकर रहे हैं.अदालत में पेशी के बाद भेजा गया जेल
सरेंडर करने के बाद माओवादी दुर्योधन महतो को शुक्रवार शाम साढ़े 6 बजे के करीब तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के एसीजेएम की अदालत में जागेश्वर विहार कांड संख्या 16/22 में पेश किया गया. जहां कोर्ट ने उसे तेनुघाट जेल भेजा दिया. जानकरी के अनुसार दुर्योधन महतो उर्फ मिथिलेश के ऊपर बेरमो अनुमंडल में लगभग 30 मामले दर्ज हैं.104 मामलों में है नामज़द
दुर्योधन महतो उर्फ मिथिलेश के ऊपर कुल 104 मामले दर्ज हैं. बोकारो जिले के विभिन्न थानों में कुल 58 मामले अंकित हैं. इसके अलवा चतरा में 5, सरायकेला में 4, खूंटी में 3, चाईबासा में 2, हजारीबाग में 26 धनबाद में 1 और गिरिडीह जिले में 5 मामले दर्ज हैं. यह">https://lagatar.in/phusro-health-camp-set-up-in-sotardih-dhori-basti/">यहभी पढ़ें : फुसरो : ढोरी बस्ती के सोतारडीह मे लगा हेल्थ कैंप [wpse_comments_template]

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