alt="" width="300" height="135" /> खूंटे की पूजा करती महिलाएं[/caption] अनुष्ठान के पहले दिन गुरूवार को भक्तों ने स्नान कर पूजा पाठ किया. दूसरे दिन शुक्रवार को निर्जला उपवास रखा. शाम को स्नान कर जमीन पर लेटते हुए शिव मंदिर में प्रवेश किया और रात्रि में दहकते हुए आग के अंगारों पर नंगे पांव चलकर राधना की. तीसरे दिन शनिवार की सुबह खूंटे में झूल कर शिव भक्ति के पारंपरिक अनुष्ठान को संपन्न किया. इस दौरान महिलाएं माथे पर कलश धारण कर खूंटे के नीचे अपने परिजनों की मंगल कामना करती रही. मोचरो गांव के पुजारी ने सरजू जंझु, फूलचंद गंझु, दशरथ गंझु, बासुदेव गंझु, अमृत महतो, बजरंगी तुरी, नेमचंद गंझू, किशोर महतो, कैलाश महतो, कर्तिक महतो सहित 63 भक्तों को शिव आराधन करवाया. इस मौके पर मेला का भी आयोजन किया गया. मौके पर स्थानीय मुखिया बसंती देवी, पंसस डेगालाल तुरी, पूर्व मुखिया टुनिया देवी, मेला समिति के अध्यक्ष कन्हैया गंझु, घनश्याम गंझु, उपाध्यक्ष नरेश तुरी सहित झामुमो नेता भेखलाल महती, भैरो महतो, चोलेश्वर रविदास, कालेश्वर महतो, पोखलाल गंझु, रति गंझु मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/bermo-summer-camp-begins-at-pitts-modern-school-gomia/">यह
भी पढ़ें : बेरमो : पिट्स मॉडर्न स्कूल गोमिया में समर कैंप का आगाज़ [wpse_comments_template]

Leave a Comment