Search

बेरमो : बेरमो को जिला बनाने की मांग फिर जोर पकड़ी

कई दिनों से हो रहा है धरना-प्रदर्शन, अब पदयात्रा कर रांची जाएंगे लोग
Anant Kumar Bermo (Bokaro) : बेरमो अनुमंडल को जिला बनाने की मांग बीस वर्षो के बाद फिर जोर पकड़ने लगी है. इस बार तेनुघाट के अधिवक्ताओं ने आम लोगों के सहयोग से इस मांग को आंदोलन का रुप दे दिया है. बेरमो जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले अनुमंडल के गोमिया, पेटरवार, जरीडीह, बेरमो और नावाडीह प्रखण्ड मुख्यालय में धरना-प्रर्दशन किए जा रहा. इसमें तेनुघाट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा, महासचिव वकील प्रसाद महतो, समिति के संयोजक संतोष नायक, कुलदीप प्रजापति, जिला परिषद के अध्यक्ष सुनीता देवी, जिप सदस्य, अमूमन सभी प्रखंडों के प्रमुख, मुखिया, पंसस, वार्ड सदस्य व बुद्धिजीवी शामिल हैं.

सैकड़ों लोग पदयात्रा कर जाएंगे रांची, सीएम को देंगे ज्ञापन

[caption id="attachment_706340" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/Bermo-Dharna-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> बेरमो जिला बनाने की मांग को लेकर धरना देते लोग[/caption] बेरमो जिला बनाओ संघर्ष समिति ने 26 जुलाई से पदयात्रा का रांची जाने निर्णय लिया है. ये पदयात्री रांची में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपेंगे. पदयात्रा में 111 लोग अपने सहयोगी और समर्थकों के साथ रांची जाएंगे.

            6 दिसम्बर 1972 को बना बेरमो अनुमंडल

[caption id="attachment_706342" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/Bermo-Padyatra-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> प्रदर्शन करते बेरमो जिला बनाओं आंदोलन समर्थक[/caption] अविभाजित बिहार के समय 6 दिसम्बर 1972 को बेरमो अनुमंडल बना था. दो साल गिरिडीह में ही अनुमंडल का कार्य चलता रहा. 1974 में अनुमंडल का मुख्यालय तेनुघाट के सिंचाई विभाग के खाली पड़े कार्यालय में शिफ्ट हुआ. बेरमो अनुमंडल की आबादी 2011 के जनगणना के अनुसार 11 लाख 7 हजार 672 है. जो वर्तमान समय में लगभग 15 लाख होगी. इस अनुमंडल में 14 थाना और 4 ओपी तथा 7 प्रखण्ड है. प्रखण्ड में बेरमो, गोमिया, पेटरवार, कसमार, नावाडीह, चन्द्रपुरा और जरीडीह शामिल है. 7 प्रखंड में 157 पंचायत हैं. एक फुसरो नगर परिषद क्षेत्र है, जिसमें 28 वार्ड है. 426 राजस्व ग्राम है, जिसमें 20 बेचिरागी तथा 50 हल्का है. इसका क्षेत्रफल 719 वर्गमील और 472830 एकड़ में फैला है.

खनिज संपदा से भरा है यह औद्योगिक क्षेत्र

यह क्षेत्र खनिज संपदा से भरा हुआ है. यहां कई उद्योग हैं. चार विद्युत केन्द्र जिसमें डीवीसी के दो बोकारो थर्मल व चन्द्रपुरा, जबकि राज्य सरकार का तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन ललपनिया और एक केप्टीव पावर प्लांट कथारा में है जो अभी बंद पडा है. यहां सीसीएल के तीन क्षेत्र ढोरी, बीएण्डके और कथारा है, जिसमें दर्जनों कोलियरी संचालित है. सीसीएल और बीसीसीएल के चार कोल वाशरी क्रमशः स्वांग, कथारा, करगली और दुग्दा वाशरी विद्यमान है. एशिया का प्रथम बारूद का कारखाना गोमिया में अवस्थित है, जबकि तेनुघाट में मिटटी का सबसे बड़ा बांध है. डीवीसी का एक और बांध कोनारडेम में है. बेरमो अनुमंडल के मुख्याल तेनुघाट में सिचाई विभाग की हजारों एकड भूमि है. तेनुघाट में अनुमंडल मुख्यालय सहित व्यवहार न्यालयल, उपकारा, जवाहर नवोदय विद्यालय अवस्थित है. इसके अलावा इस अनुमंडल में पांच डिग्री कॉलेज, 9 इन्टर कॉलेज सहित ओरिका कंपनी, सीसीएल और डीवीसी द्वारा बेहतरीन प्लस टू स्कूल संचालित है.

जिला बनाने की मांग क्यों

झारखण्ड में कई जिले सृजित हुए हैं, जो बेरमो की अपेक्षा कम अहर्ता रखते हैं. यहां के कई इलाके उग्रवाद प्रभावित हैं. जिला बनने से इन क्षेत्रों में शासन प्रशासन की पहुंच सुलभ होगी. विकास कार्यों की मोनेटरिंग बेहतरीन तरीके से हो सकेगी. आम जनता का जिला मुख्यालय से संपर्क बढ़ेगा और राज्य सरकार के योजनाओं को धरातल पर उतारने में सहूलियत होगी. बेरमो अनुमंडल के गोमिया और कसमार प्रखंड के कुछ इलाकों से जिला मुख्यालय दूर हैं, जबकि राजधानी रांची नजदीक है. धावैया पंचायत से रांची की दूरी 60 किलोमीटर ही है, जबकि जिला मुख्यालय 100 किलोमीटर है. पचमो, और झुमरा पहाड़ के लोगों को भी के साथ यही समस्या है.

कई बार विधानसभा में उठी है जिला बनाने की मांग 

[caption id="attachment_706346" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/Bermo-Madhav-lall-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> बेरमो को जिला बनाने के समर्थन में झारखखंड विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते माधव लाल सिंह[/caption] गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह, पूर्व विधायक योगेन्द्र प्रसाद और वर्तमान विधायक डॉ लंबोदर महतो ने भी विधानसभा में जिला बनाने की मांग रखी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह ने बेरमो को जिला बनाने सहित अलग राज्य बनाने की शर्त पर वर्ष 2000 में अविभाजित बिहार में राजद सरकार समर्थन दिया था. 2014 में प्रखंड से लेकर जिला परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित कराकर उत्तरी छोटानागपुर के आयुक्त को भेजा गया. आयुक्त ने इसका अनुमोदन कर सरकार को भेज दिया था. विधानसभा में गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से सवाल किया गया, इसके बावजूद भी सरकार ने जिला का दर्जा नहीं दिया.

झारखंड के 9 जिलों की आबादी बेरमो से कम

2011 के जनगणना अनुसार बेरमो अनुमंडल की आबादी 1107672 है, जबकि लोहरदगा जिला की 4,61,738, खूंटी 5,30,299, सिमडेगा 5,99,813, कोडरमा 7,17,169, लातेहार 7,25,653, जामताड़ा 7,90,207, रामगढ़ 9,49,169 और चतरा 10,42304 है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=705869&action=edit">यह

भी पढ़ें: बोकारो : तेरापंथ महिला मंडल के निर्वाचित पदाधिकारियों व सदस्यों ने ली शपथ [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//