Bermo: भारत का पहला बारूद फैक्ट्री गोमिया में है. पहले यह इंडियन एक्सप्लोसिव लिमिटेड के नाम जाना जाता था. अब ओरिका (आईईपीएल) द्वारा संचालित होता है. यह ऑस्ट्रेलिया की कंपनी है. कंपनी के आवासीय क्षेत्र में रहने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के आवास अलग-अलग जगह पर बनाए गए हैं. पहले अधिकारियों के कॉलोनी से मजदूरों की कॉलोनी तक की सड़कें अच्छी थीं. इन दिनों सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है. इसे लेकर कर्मचारी वर्ग आवाज भी उठाते हैं. मजदूरों और कनीय कर्मचारियों की कॉलोनी की सड़कें जर्जर हो गयी हैं. जगह-जगह पर गड्ढे हो गये हैं. पैदल चलना भी मुश्किल है. दूसरी तरफ अधिकारियों के कॉलोनी की सड़कें अच्छी हैं. यहां हर तरह की सुविधा है. अधिकारियों के लिए सी टाइप कॉलोनी बनाया गया है. कॉलोनी के मुख्य गेट पर गार्ड रहता है. किसी बाहरी व्यक्ति को बिना इजाजत प्रवेश निषिद्ध है. कॉलोनी के अंदर क्लब है. इसमें अधिकारियों के लिए सभी तरह की सुविधा है. इसे भी पढ़ें- बेरमो:">https://lagatar.in/bermo-orica-company-team-reached-gomia-inspected-the-school/">बेरमो:
ओरिका कंपनी की टीम पहुंची गोमिया, किया स्कूल का निरीक्षण मंगलवार को कंपनी के हेड वैलेसिया गुनावन (वित्त) सीनियर मैनेजर एशिया, ओला हसानी मार्केटिंग हेड एशिया और सुनील शाह (वित्त) यहां पहुंचे थे. कंपनी प्रबंधन ने उनका जोरदार स्वागत किया. वे पिट्स स्कूल भी गये. स्कूल के छात्रों ने कंपनी हेड का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया. लेकिन वे मजदूरों के इलाके में नहीं जा सके. इससे उन्हें वहां की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं हो सकी. सड़कों और अन्य समस्याओं से मजदूर वर्ग अधिकारियों को अवगत कराते हैं. लेकिन कोई समाधान नहीं होता है. इससे मजदूरों में असंतोष रहता है. इसे भी पढ़ें- कर्नाटक">https://lagatar.in/karnataka-voice-rising-in-bjp-on-communal-incidents-yeddyurappa-said-let-muslims-live-in-peace/">कर्नाटक
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बेरमो: आधिकारियों की कॉलोनी की सड़क चकाचक, मजदूरों के गड्डे ही गड्डे

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