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बेरमो : अज्ञात बीमारी की चपेट में आदिवासी बच्चे, जड़ी बूटी के भरोसे ग्रामीण

Bermo : गोमिया प्रखण्ड के तिलैया पंचायत अंतर्गत टुटीझरना गांव में कई बच्चे और बड़े अज्ञात बीमारी से पीड़ित हैं. तीन सौ की आबादी वाले इस गांव में सभी आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं. गोमिया प्रखंड मुख्यालय से करीब बीस किलोमीटर की दूरी पर यह गांव लुगु पहाड़ के तलहटी पर बसा हैं. ग्रामीण हीरालाल टुडू और प्रेम टुडू ने बताया कि बच्चों के शरीर में चेचक जैसे छोटे-छोटे दाग हो गये हैं. अंधविश्वास में फंसे ग्रामीण उसे माता जी वाली बीमारी कहकर इलाज नहीं करा रहे हैं. बच्चों को ठंड लगने और उल्टी आने के साथ-साथ पेट दर्द, बुखार और सिरदर्द भी रहता है. कई बच्चों के शरीर पर लाल रंग के चकते भर आए हैं.  हीरालाल ने बताया कि ग्रामीण जड़ी बूटी से अपने बीमार बच्चों का इलाज कर रहे हैं.

                     नहीं पहुंच रहे स्वास्थ्यकर्मी

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी उनके गांव नहीं पहुंचा है. पहले एएनएम भी गांव का दैरा करती थी, लेकिन जब से इस बीमारी से लोग पीड़ित हैं, एएनएम ने भी गाव जाने से परहेज कर लिया है.

                             7 बच्चे हैं बीमार

पीड़ितों में मनीषा कुमारी 10 वर्ष, पूजा कुमारी 9 वर्ष, मोनिका कुमारी 5 वर्ष, मधु कुमारी ढाई वर्ष, राजू चौड़े 4 वर्ष, रेखा कुमारी 10 वर्ष, निरोन चौड़े 4 वर्ष, अर्जून सोरेन 32 वर्ष, युगल मांझी 60 वर्ष, सुन्दर मांझी 43 वर्ष, रेखा देवी 38 वर्ष शामिल है.

                       22 को जाएगी जांच टीम

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.जितेंद्र कुमार ने बताया इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी. कहा कि सोमवार 22 मई को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव जाएगी और पीडितों की जांच करेगी. यह">https://lagatar.in/bokaro-thermal-farmers-are-earning-from-seeds-and-fruits-of-sakhua/">यह

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