Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत होने वाले विकास कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है. सोमवार को समाहरणालय सभागार में डीसी राजीव रंजन की अध्यक्षता में सीएसआर से जुड़ी बैठक आयोजित की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) और जिले की विभिन्न औद्योगिक कंपनियों व संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सीएसआर फंड का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि एक ही तरह के कार्यों की दोहराव से बचा जा सके और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके. उन्होंने सभी कंपनियों को निर्देश दिया कि वे पिछले वित्तीय वर्ष में किए गए सीएसआर कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट और चालू वित्तीय वर्ष की प्रस्तावित कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं.
उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने कहा कि जिले की कई कंपनियां अपने स्तर पर सीएसआर के तहत काम कर रही हैं, लेकिन उनकी जानकारी जिला स्तरीय समिति तक नहीं पहुंच रही है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार जिला स्तरीय समिति की मंजूरी के बाद ही सीएसआर परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए. उन्होंने जानकारी दी कि अब तक यूसीआईएल, एचसीएल और बैंक ऑफ इंडिया ने ही जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है.
बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने जिले की प्रमुख जरूरतों और विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव भी कंपनियों के सामने रखे. इनमें बालिका आवासीय विद्यालयों में सैनिटरी नैपकिन डिस्पेंसर लगाने, स्वास्थ्य केंद्रों में वाटर एटीएम स्थापित करने, मेडिकेटेड मच्छरदानियों का वितरण, सबर टोला क्षेत्रों का विकास, मुक्ति वाहन उपलब्ध कराने, सरकारी स्कूलों में बेंच-डेस्क देने, दिव्यांगजनों को इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने, खेल सुविधाओं का विस्तार और दीदी कैफे के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने जैसे प्रस्ताव शामिल रहे.
बैठक में मौजूद सभी कंपनियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सीएसआर गतिविधियों को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाने में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा जताया.
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