Search

 
 
 

2016 से लेकर 2022 तक 12586 लोगों को PM आवास योजना के लिए दी गई थी स्वीकृति

Ranchi News: 2016 से लेकर 2022 तक करीब 12586 लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए स्वीकृति प्रदान की गई थी. इसमें करीब 200 लोगों ने पक्का मकान नहीं बनाए हैं. नगर निगम से पैसे लेकर काम अधूरा छोड़ दिया है. इसमें से कई लोग घर बनाने के लिए पहला किस्त लिया है, लेकिन घर पूरा नहीं बना सके हैं. ऐसे लोगों को कई बार नगर निगम की ओर से अपील भी की गई.
 
फाइल फोटो
  • - 200 लाभुक नहीं बना सके प्रधानमंत्री आवास योजना 

Ranchi News: नगर निगम के क्षेत्र में अपात्र लोगों को कच्चे मकान से पक्के मकान उपलब्ध कराए जाते हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीब लोगों को आवंटित किए जाते हैं. इसमें वैसे परिवार को योजना में जोड़ा जाता है. जो गरीब होते हैं. घर बनाने में सक्षम नहीं होते हैं. जो पक्की छत का सपना देखते हैं. 2016 से लेकर 2022 तक करीब 12586 लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए स्वीकृति प्रदान की गई थी. इसमें करीब 200 लोगों ने पक्का मकान नहीं बनाए हैं. नगर निगम से पैसे लेकर काम अधूरा छोड़ दिया है. इसमें से कई लोग घर बनाने के लिए पहला किस्त लिया है, लेकिन घर पूरा नहीं बना सके हैं. ऐसे लोगों को कई बार नगर निगम की ओर से अपील भी की गई.

 

386 स्कावयर फीट में बनाना पड़ता है प्रधानमंत्री आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक को करीब 386 स्कवायर फीट में मकान बनाना पड़ता है. इस योजना के लाभुक को चार कमरा के मकान बनाने पड़ते हैं. जिसमें दो कमरा होते हैं. एक हॉल बनाए जाते हैं. इसके अलावा शौचालय और किचन होते हैं. इसके लिए 2 लाख 25 हजार रूपये चार किस्तों में दिए गए हैं. पहली किस्त 45 हजार, दूसरी किस्त 67500, तीसरा किस्त 90000 और चौथी किस्त 22500 रूपये दिया जाता है. इसे 8 महीने में पूरा करना पड़ता है. अब यह राशि बढ़कर 2 लाख 50 हजार हो गया है. 

 

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नगर निगम में 2286 आवेदन पहुंचे

2025 -26 प्रधानमंत्री आवास योजना के फेज 2.0 में 610 अपात्र लोगों ने नगर निगम में आवेदन जमा किए हैं. वहीं 2026-27 के अपात्र 2286 लोगों ने आवेदन जमा किए हैं.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही