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कमरे में एमडीएम का सामान
जब स्कूल के प्रिंसिपल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बाहर से हवा आती है इसलिए बरामदे में पढ़ाते हैं. जो कमरा खाली है उसमें एमडीएम का सामान है. आपको बता दें कि इस स्कूल में 381 बच्चे पढ़ते हैं. इस स्कूल में कमरों के अलावे भी कई चीजों का अभाव साफ दिखता है. वहीं सराकर के द्वारा दी गई विकास मद की राशि अब तक नहीं आयी है. इसे भी पढ़ें- रांची:">https://lagatar.in/ranchi-movement-for-reinstatement-of-teachers-in-plus-two-school-students-on-indefinite-strike/">रांची:प्लस टू स्कूल में शिक्षकों की बहाली के लिए आंदोलन, छात्र अनिश्तकालीन धरने पर
बरामदे में होती है पढ़ाई
कक्षा 4 की बात करें तो 54 छात्रों ने नामांकन लिया है. कुछ छात्रों ने तो बताया कि कक्षा 4 के लिए कमरा है लेकिन गलत मैनेजमेंट के कारण सभी छात्र बरामदे पर बैठकर ही पढ़ते हैं. कक्षा 4 के कमरे को स्टोर रुम बना दिया गया है. वहीं कुछ छात्रों ने यह भी बताया कि इस स्कूल के शिक्षकों को लगता है कि बच्चे स्टोर रुम में सामान की चोरी कर लेंगे इसलिए उन्हें कमरे से बाहर बरामदे पर बैठा कर पढ़ाया जाता है. इसे भी पढ़ें- बेरमो:">https://lagatar.in/bermo-gomia-journalists-association-discussed-the-formation-of-press-club/">बेरमो:गोमिया पत्रकार संघ ने की प्रेस क्लब निर्माण पर चर्चा [wpse_comments_template]

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