- मोरहाबादी से शहीद भगत सिंह की आदमकद प्रतिमा को हटाये जाने का विरोध
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प्रशासन का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार
उन्होंने बताया कि तमाम प्रक्रिया पूरी करते हुए नगर निगम से अनुमति लेकर प्रतिमा स्थापित की गई थी. अनुमति पत्र भी एक दिन पूर्व प्रशासन को दिखाया गया था. पर प्रशासन का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कई सवाल खड़े करता है. पहला सवाल कि प्रतिमा स्थापना में कोई प्रशासनिक व्यवधान था, तो उसे पहले क्यूं नहीं बताया गया, जबकि उक्त स्थल पर तकरीबन दो माह से निर्माण कार्य चल रहा था? दूसरा कि जब एक दिन पूर्व जिला प्रशासन ने जरूरी कागजी कार्यवाही करने के लिए राष्ट्रीय युवा शक्ति को आदेश दे दिया था और साथ ही यह आश्वासन भी दिया था कि प्रतिमा सभी कार्यवाही के बाद स्थापित कर दी जाएगी, तो आखिर ऐसी क्या मुश्किल आन पड़ी थी कि उसे रातोरात चोरी- छुपे हटाया गया. तीसरा कि प्रतिमा को हटाने के दौरान प्रतिमा को इस तरीके अपमानित क्यू किया गया? इन सभी सवालों का जवाब जिला प्रशासन को देना होगा. साथ ही साथ ससम्मान प्रतिमा को राष्ट्रीय युवा शक्ति को लौटना होगा, ताकि उक्त स्थल पर प्रतिमा स्थापित की जा सके. इसे भी पढ़ें – झासा">https://lagatar.in/jharkhand-jhasa-president-and-general-secretary-meet-cm-submit-memorandum-demand-child-care-leave-for-women-officers/">झासाअध्यक्ष और महासचिव सीएम से मिले, ज्ञापन सौंपा, महिला अधिकारियों के लिए चाईल्ड केयर लीव की मांग की [wpse_comments_template]

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