Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

भारत बायोटेक ने DCGI को भेजा ट्रायल डेटा, बच्‍चों के लिए Covaxin को जल्‍द मंजूरी मिलने की खबर

Advertisement
Advertisement
NewDelhi :  भारत में बनी कोरोना वायरस वैक्‍सीन Covaxin  को बच्‍चों पर आपातकालीन इस्‍तेमाल की जल्‍द मंजूरी मिल सकती है.  जानकारी के अनुसार भारत बायोटेक द्वारा 2 से 18 साल के आयुवर्ग पर वैक्‍सीन के ट्रायल का डेटा रेगुलेटर को सबमिट कर दिया गया है. इंडिया टुडे ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्‍टर डॉ कृष्‍णा एल्‍ला के हवाले से यह जानकारी दी है. कहा गया कि ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) डेटा को रिव्‍यू करेंगे और सबकुछ ठीक रहा तो बच्‍चो को Covaxin लगाने की मंजूरी मिल जायेगी. जान लें कि यह देश में बच्‍चों के लिए उपलब्‍ध होने वाली पहली वैक्‍सीन होगी. खबरों के अनुसार एम्‍स समेत कई जगहों पर वैक्‍सीन का ट्रायल तीन चरणों में बच्चों पर हुआ है. पहले चरण में 12-18 साल के बच्‍चे, फिर 6-12 साल और आखिर में 2 से 6 साल के बच्‍चों पर वैक्‍सीन का ट्रायल किया गया. बता दें कि भारत में वयस्‍कों के लिए कई वैक्‍सीन उपलब्‍ध हैं मगर बच्‍चों के लिए नहीं. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर">https://lagatar.in/cm-mamta-waved-victory-in-bhawanipur-seat-defeating-bjps-priyanka-by-58832-votes/">भवानीपुर

सीट पर सीएम ममता बनर्जी ने जीत का परचम लहराया, भाजपा की प्रियंका को 58832 वोटों से दी मात

WHO से जल्‍द मिलेगी मंजूरी

डॉ एल्‍ला के अनुसार, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन भी कोवैक्‍सीन को इसी माह मंजूरी दे देगा.  कहा कि उनकी कंपनी ने सारा डेटा WHO के हवाले कर दिया है.  रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत बायोटेक ने WHO में 9 जुलाई तक डेटा सबमिट कर दिया था. ग्‍लोबल संस्‍था को वैक्‍सीन का रिव्‍यू करने में करीब छह हफ्ते लगते हैं. एक बार WHO से आपातकालीन इस्‍तेमाल की मंजूरी (EUA) मिलने के बाद, कोवैक्‍सीन लेने वाले बिना अनिवार्य क्‍वारंटीन के विदेश यात्रा कर सकते हैं. इसे भी पढ़ें :  सीजेआई">https://lagatar.in/cji-ramana-said-sent-106-names-for-judges-and-nine-for-chief-justice-the-government-approved-only-eight/">सीजेआई

रमना ने कहा, जजों के लिए 106 और चीफ जस्टिस के लिए नौ नाम भेजे, सरकार ने महज आठ पर मुहर लगायी

90 करोड़ लोगों को लगी वैक्सीन: मांडविया

देश में कोरोना वैक्सीन की 90 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडवीय ने शनिवार को यह    जानकारी दी.  उन्होंने ट्वीट किया कि शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का नारा दिया था, अटल जी ने इसमें जय विज्ञान जोड़ा था और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जय अनुसंधान का नारा दिया है. कहा कि  कोरोना वैक्सीन इसी अनुसंधान का परिणाम है,   [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही