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स्टैंड पर साइकिल, पर इस्तेमाल करने वाले नदारद

  • साइकिल स्टैंड छायी रहती है वीरानी
  • साइकिल का मेंटेनेंस भी नहीं हो रहा
  • कई साइकिल हुईं जर्जर 
  • ऐप का कैसे करें इस्तेमाल, ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं
  • पहले दिखते थे इस्तेमाल
  • पूरे शहर में बनाये गये थे 90 साइकिल स्टैंड 
  • लगभग 800 साइकिल इन स्टैंड पर रखी गयी थी
Akarsh Aniket  Ranchi :   स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के सहयोग से रांची में साइकिल शेयरिंग सिस्टम की शुरुआत 2019 में ताम-झाम के साथ हुई थी. साइकिल शेयरिंग सिस्टम का मकसद शहर के लोगों को सेहतमंद बनाना, पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाना और जाम की समस्या से भी निजात दिलाना था. पूरे शहर में लगभग 90 साइकिल स्टैंड बनाये गये थे, जिसमें लगभग 800 साइकिल थी. शुरू में लोगों नई सुविधा देखकर इसका इस्तेमाल जमकर किया.अक्सर स्टैंड में साइकिल की कमी रहती थी. कोरोना काल में पूरी तरह से साइकिल का संचालन बंद होने के बाद साइकिल की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती चली गयी. काफी साइकिल टूट-फूट भी गयीं या हालत ऐसी हो गयी कि लोग उसकी सवारी ही नहीं करना चाहते. धीरे-धीरे लोगों ने इस साइकिल का इस्तेमाल करना कम कर दिया.

ना ऐप की जानकारी, न इसे इस्तेमाल करने का तरीका पता 

शहर के बड़े तबके को साइकिल का इस्तेमाल ऐप के जरिए करना है, लेकिन उनको इसके बारे में जानकारी ही नहीं है. जो लोग जानते भी हैं, वे अब इसका इस्तेमाल ही नहीं करना चाहते हैं. अब शहर के सभी साइकिल स्टैंड वीरान पड़े रहते हैं. आलम यह है कि अब तो स्टैंड पर कबूतर पर मारते मिलते हैं, या आवारा कुत्त बसेरा बनाये रहते हैं. लोगों का कहना है कि ऐप का इस्तेमाल करना कठिन है. ऐप की जानकारी नहीं होने के कारण कई लोग साइकिल का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि कंपनी के मैनेजर का दावा है कि रोजाना 500-600 कस्टमर साइकिल का इस्तेमाल कर रहे हैं. साइकिल की देखभाल भी ठीक से की जा रही है. साइकिल खराब होने पर तुरंत ही ठीक कराया जाता है. वहीं स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के एक अधिकारी यह दावा करते हैं कि दूसरी जगहों की तुलना में रांची में साइकिल शेयरिंग सिस्टम की स्थिति काफी बेहतर है.

अलबर्ट एक्का चौक के पास साइकिल स्टैंड में बाइक की पार्किंग

अलबर्ट एक्का चौक के पास स्थित शहर का सबसे मुख्य साइकिल स्टैंड भी वीरन पड़ा रहता है. अब इस स्टैंड का इस्तेमाल बाइक पार्किंग के लिए किया जाने लगा है. इलाके में भीड़ होने के कारण लोग साइकिल स्टैंड पर ही अपनी-अपनी बाइक खड़ी कर चले जाते हैं.

जर्मनी से मंगायी गयी थी साइकिल, एक की कीमत 60 हजार

शहर में साइकल शेयरिंग सेवा की शुरुआत चार्टर्ड बाइक कंपनी द्वारा की गयी थी. इसके लिए साइकिल जर्मनी से मंगायी गयी थी. एक साइकिल की कीमत लगभग 60 हजार रुपये थी.

चार्टर्ड ऐप की मदद से कर सकते हैं साइकिल का इस्तेमाल

साइकिल इस्तेमाल करने के लिए पहले गूगल प्ले स्टोर से चार्टर्ड ऐप डाउनलोड करना पड़ता है. इस ऐप की मदद से ही आप साइकिल इस्तेमाल कर सकते हैं.

जानिए कैसे एक्सेस करें ऐप

  • - ऐप डाउनलोड करने के बाद 50 रुपये मिनिमम डिपॉजिट करना होगा, जिसके लिए नेटबैंकिंग, कार्ड व यूपीआई का इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • - मिनिमम डिपॉजिट के बाद आपको सब्सक्रिपशन प्लान का चयन करना होगा. एक दिन के सब्सक्रिपशन के लिए 35 रुपये, 1 महीने के सब्सक्रिप्शन के लिए 236 रुपये और एक साल के लिए 1180 रुपये लगेंगे.
  • - एक दिन के सब्सक्रिप्शन पर आप आधे घंटे साइकिल चला सकते हैं. एक महीने के सब्सक्रिप्शन पर आप पूरे महीने रोजाना आधे घंटे फ्री में साइकिल चला सकेंगे और एक साल वाले सब्सक्रिप्शन में साल भर रोजाना आधे घंटे साइकिल चला सकेंगे.
  • - आधे घंटे से तीन घंटे तक प्रति घंटा पांच रुपये के हिसाब से चार्च देना होगा. चौथे घंटे से प्रति घंटे 15 रुपये का भुगतान करना होगा.
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