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वन विभाग पर उठे रहे सवाल
इस पूरे मामले में वन विभाग की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहा है. बताया जा रहा है विभाग के पदाधिकारियों को पूर्व में ही इसकी जानकारी थी. पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की. ऐसे में वन विभाग के अफसरों के कोयला तस्करों के साथ मिले होने की आशंका जताई जा रही है. यही कारण है कि कोयला तस्कर घने जंगलों में कोयला भंडारण कर आराम से तस्करी कर रहे हैं. इस मामले में सिमरिया एसडीओ ने बताया कि छापेमारी सोमवार को भी जारी थी, साउथ डीएफओ को इसकी सूचना दी गई, लेकिन वे आए नहीं, उन्होंने दो -तीन वनरक्षी को मौके पर भेजा था. इसे भी पढ़ें – खादी">https://lagatar.in/national-khadi-and-saras-festival-one-crore-profit-in-6-days-besra/">खादीमेले में 6 दिन में एक करोड़ का मुनाफा : बेसरा [wpse_comments_template]

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