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गिरिडीह : मवेशी तस्कर के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, पुलिस ने मवेशी लदे 17 पिकअप वैन किये जब्त

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  • गिरिडीह पुलिस की बड़ी कार्रवाई
  • मवेशी लदे 17 पिकअप वैन किये जब्त
  • मवेशी तस्करों के एक बड़े रैकेट का भंडाभोड़
  • पिकअप वैन में करीब 150 मवेशी लदे 
Giridih :  गिरिडीह पुलिस ने मवेशी तस्कर के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने बगोदर थाना क्षेत्र के जीटी रोड गैडा से मवेशी लदे 17 पिकअप वैन जब्त किये हैं. इन पिकअप वैन में करीब 150 मवेशी लदे थे. हालांकि सभी गाड़ियों के चालक मौके से फरार हो गये.  एसपी दीपक कुमार शर्मा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की है. इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों से भरी गाड़ियां पकड़े जाने की खबर से लोगों में काफी आक्रोश है. गिरिडीह पुलिस ने जब्त  सभी गाड़ियों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. जब्त की गयी कई गाड़ियों के शीशे भी टूटे हुए हैं.  बताया जा रहा है कि तस्करी के दौरान दो मवेशी की मौत हो गयी है. वहीं पिकअप भी पलट गया है.

मवेशी तस्करी का सिंडिकेट है काफी बड़ा 

जानकारी के मुताबिक, मवेशी तस्करी का सिंडिकेट काफी बड़ा है. इसका धंधा पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तरप्रदेश व झारखंड के कई जिलों में फैला है. पशु तस्कर बिहार के शेरघाटी, गया, शिवली और उत्तर प्रदेश के जौनपुर, गाजीपुर, कानपुर, इलाहाबाद व चंदौली से पशु को ट्रक में लोड कर जीटी रोड से और गिरिडीह जिले के सीमावर्ती क्षेत्र से वेस्ट बंगाल स्लोटिंग के लिये ले जाते हैं. पिछले कुछ महीनों से गिरिडीह पुलिस की एक के बाद एक की जा रही कार्रवाई से मवेशी तस्करी के सिंडिकेट में शामिल लोग परेशान हैं.

ऐसे होती है मवेशियों की तस्करी

बिहार के अलग-अलग स्थानों से मवेशी तस्कर पिकअप वैन और ट्रक से पशुओं को बंगाल भेजते हैं. पहले धंधा देर रात चलता था. रात के दो बजे से लेकर चार बजे तक कई वाहन गुजरते थे. इसमें से कई वाहनों को पुलिस ने पकड़ने में सफलता भी हासिल की है. पुलिस की सक्रियता को देखते हुए तस्करों ने अब सब्जी वाहन का सहारा लेना शुरू कर दिया है. मवेशियों को पिकअप में लोड करने के बाद चारों तरफ सब्जी के कैरेट को बांध देते हैं, ताकि किसी को शक ना हो कि वाहन में मवेशी लदे हैं. पशुओं को लेकर जाने वाली पिकअप वैन के आगे-पीछे अन्य वाहनों से तस्कर भी जाते हैं. स्थानीय सहयोगी पुलिस पेट्रोलिंग की टीम पर नजर रखते हैं और मैसेज आगे बढ़ाते हैं. जिससे तस्कर सतर्क हो जाते हैं. वहीं कुछ घटना होने को स्थिति में मदद के लिए भी खड़े रहते हैं. [wpse_comments_template]

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