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NIA की बड़ी कार्रवाई, बिहार, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में PFI के 17 ठिकानों पर छापेमारी

LagatarDesk :   राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गैंगस्टर टेरर फंडिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है. NIA ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 17 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है. इसमें बिहार में 12 , उत्तर प्रदेश में दो और मध्यप्रदेश, पंजाब और गोवा में एक-एक ठिकाना शामिल है. आरोप है कि पीएफआई संगठन अपने कार्यकर्ताओं को दोबारा संगठित और मजबूत करने का काम शुरू किया है. जिसके बाद जांच एजेंसी यह कार्रवाई कर रही है. (पढ़ें, आज">https://lagatar.in/the-sun-will-not-cast-a-shadow-on-anything-for-some-time-this-afternoon/">आज

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बिहार के 12 ठिकानों पर चल रही छापेमारी

एनआईए की टीम बिहार के मोतिहारी और दरभंगा में भी रेड मारी है. दरभंगा के उर्दू बाजार में डेंटिस्ट डॉ सारिक रजा और शंकरपुरा गांव में महबूब के घर पर छापेमापी कर रही है. वहीं मोतिहारी के चकिया के कुंआवा गांव में सज्जाद अंसारी के घर पर भी एनआईए ने छापा मारा है. यह एक्शन गिरफ्तार हो चुके हरपुर किशुनी निवासी इरशाद की निशानदेही पर हुई है. एनआईए की टीम ने सज्जाद का आधार ,पैन कार्ड और अन्य कागजात अपने साथ ले गयी है. बता दें कि सज्जाद पिछले 14 महीनों से दुबई में नौकरी कर रहा है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-famous-builder-amit-saraogi-gets-advance-bail-from-high-court-accused-in-money-laundering/">रांची

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सितंबर में एनआईए ने पीएफआई पर बड़े पैमाने पर कसा था शिकंजा

यह पहली बार नहीं है कि जब जांच एजेंसी ने ऐसी कार्रवाई की है. जनवरी में भी एनआईए ने फुरवाली शरीफ के टेरर मॉड्यूल के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. एनआईए ने अपनी चार्जशीट में PFI के चार मेंबरों को आरोपी बनाया था. इनके ऊपर गैरकानूनी और राष्ट्रविरोधी काम करने का गंभीर आरोप था. बीते साल 22 और 27 सितंबर 2022 में पूरे भारत में पीएफआई के ठिकानों पर शिकंजा कसा गया था. इसके बाद सैकड़ों लोगों की गिरफ्तार हुई थी. इसे भी पढ़ें : मुख्यमंत्री">https://lagatar.in/cm-nitish-kumar-attends-anand-mohans-sons-engagement/">मुख्यमंत्री

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पीएफआई पर पांच साल का लगाया था बैन

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 28 सितबर 2022 को पीएफआई पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच साल का बैन लगा दिया था. इसको लेकर गृह मंत्रालय द्वारा लेटर जारी किया था. लेटर में लिखा था कि ये संगठन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर पीएफआई की मदद करते थे. इसमें से कई संगठन ऐसे हैं जो कि फंडिंग किया करते हैं. पीएफआई के सहयोगी संगठन जैसे रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (एआईआईसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (एनसीएचआरओ), नेशनल विमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट को भी बैन कर दिया गया था. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/lawyers-of-ranchi-civil-court-did-judicial-work-by-wearing-black-badges/">रांची

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