Sports Desk : भारत के स्टार पहलवान बजरंग पूनिया को बड़ा झटका लगा है. नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने उन पर चार साल के लिए बैन लगा दिया है. अब चार साल तक बजरंग पूनिया कुश्ती की रिंग में नजर नहीं आयेंगे. इतना ही नहीं पहलवान अगले चार साल तक कोचिंग भी दे पायेंगे. NADA ने एंटी डोपिंग कोड का उल्लंघन करने पर यह एक्शन लिया है. https://twitter.com/PTI_News/status/1861625737989759384
सलेक्शन ट्रॉयल के दौरान डोप टेस्ट के लिए अपना सैंपल देने से किया था मना
दरअसल बजरंग पूनिया ने 10 मार्च को नेशनल टीम के सलेक्शन ट्रॉयल के दौरान डोप टेस्ट के लिए अपना सैंपल देने से मना कर दिया था. 23 अप्रैल 2024 को NADA ने एंटी डोपिंग कोड का उल्लंघन करने की वजह उन पर चार साल के लिए बैन लगा दिया था. NADA के इस एक्शन के बाद कुश्ती की वर्ल्ड लेवल की संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने भी बैन कर दिया था. बजरंग पूनिया ने नाडा के इस एक्शन के खिलाफ अपील की थी. लेकिन NADA के अनुशासनात्मक डोपिंग पैनल (एडीडीपी) ने 31 मई को इस अपील को तब तक के लिए रद्द कर दिया था, जब तक NADA नोटिस जारी नहीं करता है. इसके बाद नाडा ने 23 जून को पहलवान को नोटिस दिया था. इसके बाद 11 जुलाई को बजरंग ने NADA को 11 जुलाई को लिखित रूप से चुनौती दी थी. इस पर 20 सितंबर और 4 अक्टूबर को सुनवाई हुई. इस सुनवाई में एडीडीपी ने माना कि एथलीट अनुच्छेद 10.3.1 के तहत प्रतिबंधों के लिए उत्तरदायी है और उसने बजरंग पूनिया को चार साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया, जो 23 अप्रैल से ही लागू होगा.बृजभूषण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की वजह से एडीडीपी ने किया पक्षपातपूर्ण व्यवहार : बजरंग
बजरंग का कहना है कि भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की वजह से एडीडीपी ने उनके साथ पक्षपातपूर्ण और अनुचित व्यवहार किया है. पूनिया का कहना है कि उन्होंने कभी भी सैंपल देने से सीधे इनकार नहीं किया. कहा कि उनके सैंपल लेने के लिए जो टेस्ट किट भेजा गया था, वह एक्सपायर हो चुका था. उन्होंने इस संबंध में नाडा से ईमेल के जरिए स्पष्टीकरण मांगा था. उन्होंने पूछा था कि दिसंबर 2023 में उनके सैंपल लेने के लिए एक्सपायर किट क्यों भेजी गयी. हालांकि NADA का कहना है कि बजरंग ने यूरिन का सैंपल देने से जानबूझकर इनकार किया था.
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