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Big Breaking : नक्सली भैरव गंझू ने कबूला, ‘आक्रमण गंझू ने दिये थे आधुनिक अमेरिकन हथियार’

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Ranchi/Chatra :  चतरा जिले के सिमरिया थाना अंतर्गत कासीयातु जंगल से बीते 1 सितंबर को टीपीसी उग्रवादी संगठन के जोनल कमांडर भैरव गंझू उर्फ भास्कर को आधुनिक अमेरिकन हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ में भैरव गंझू ने खुलासा किया कि "टीपीसी के रीजनल कमांडर आक्रमण गंझू ने उसे आधुनिक  अमेरिकन हथियार दिये थे. भैरव गंझू  ने पुलिस को यह भी बताया कि जहां से उसकी गिरफ्तारी हुई थी वहां आक्रमण गंझू भी मौजूद था. लेकिन पुलिस से बचकर वो वहां से भाग निकला. (पढ़ें, नक्सलियों">https://lagatar.in/vijay-arya-who-was-called-gandhi-of-naxalites-had-shown-stamina-lalu-yadav-also-got-scared-of-popularity/">नक्सलियों

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विदेशी हथियार से नक्सलीसंगठनों को मिल रही मजबूती

झारखंड में नक्सली और उग्रवादी संगठनों को विदेशी हथियार से मजबूती मिल रही है. हथियार के बल पर सभी नक्सली संगठन झारखंड में अपने प्रभाव वाले इलाकों में समानांतर सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं. चाहे वो सबसे बड़ा नक्सली संगठन भाकपा माओवादी हो या फिर छोटे नक्सली संगठन टीपीसी, पीएलएफआई या जेजेएमपी हो. अब जेजेएमपी, टीपीसी और पीएलएफआई उग्रवादी संगठन भी विदेशी ऑटोमैटिक हथियारों से पुलिस को चुनौती देने लगे हैं. जो झारखंड पुलिस के लिए चिंता का विषय है. इसे भी पढ़ें : विदेशी">https://lagatar.in/foreign-investors-showed-confidence-in-the-indian-stock-market-invested-51200-crores-in-august/">विदेशी

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टीपीसी के पास सबसे ज्यादा विदेशी हथियार

बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि नक्सलियों के पास से विदेशी हथियार मिले हैं. इससे पहले भी भाकपा माओवादी, पीएलएफआई और टीपीसी के पास से विदेशी हथियार बरामद हुए हैं.  लेकिन अब इस कड़ी में जेजेएमपी का भी नाम जुड़ चुका है. हाल में ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड के नक्सलियों को लेकर बड़ा खुलासा था. एनआईए की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में सक्रिय नक्सली संगठनों के पास बड़े पैमाने पर विदेशी हथियार पहुंच चुके हैं. नागालैंड और बिहार के हथियार तस्करों की मदद से उग्रवादी संगठनों ने यह हथियार खरीदे हैं. इसे भी पढ़ें : महंगाई">https://lagatar.in/congresss-ruckus-against-inflation-jharkhand-congress-leaders-are-taking-part-enthusiastically/">महंगाई

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टीपीसी के पास हैं सबसे अधिक विदेशी  हथियार 

एनआईए की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ था कि बांग्लादेश और म्यांमार के रास्ते नागालैंड से एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार और 50,000 से अधिक गोलियां झारखंड के नक्सलियों तक पहुंचायी गयी हैं. रिपोर्ट बताती है कि सबसे ज्यादा विदेशी हथियार झारखंड में सक्रिय तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के उग्रवादियों ने खरीदी है. हिंसक गतिविधियों में लिप्त इस उग्रवादी संगठन ने 50 से अधिक विदेशी अत्याधुनिक हथियार खरीदे हैं. एनआइए को हथियार तस्कर संतोष सिंह ने खुद यह जानकारी दी थी. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/formation-of-20-point-program-committee-in-seven-districts-of-jharkhand/">झारखंड

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