Search

बजट देखने में बड़ा, मगर अंदर में कुछ नहीं : बाबूलाल मरांडी

  • किसानों और कृषि के लिए भी कुछ भी नहीं 
Ranchi : झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को पेश किये गये बजट पर पूर्व सीएम एवं भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बजट देखने में तो बहुत ही बड़ा है, लेकिन जब अंदर झांक कर देखने और समझने की कोशिश की, तो इस बजट में कुछ भी नजर नहीं आया . खासकर कृषि और किसानी से जुड़े लोगों के लिए इसमें कुछ भी नहीं है. जबकि सिंचाई भी इसी से जुड़ी है. बजट में इसके लिए कुल 12 प्रतिशत का ही प्रावधान है. लोगों की आय को दोगुनी करने की दिशा में कोई प्रावधान नहीं है. बस परंपरागत बजट को 15 प्रतिशत बढ़ा कर एक करोड़ 16 लाख कर दिया गया है. इससे ज्यादा इस बजट में कुछ भी नहीं है. [caption id="attachment_540986" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/01/sudesh.jpg"

alt="सुदेश महतो" width="600" height="400" /> सुदेश महतो[/caption]

विजन न प्रतिबद्धता, बस झूठे वादे- झूठे आंकड़े : सुदेश 

आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि झूठी सरकार ने झूठ का पुलिंदा पेश किया है. बजट में बुनियादी सवालों को दरकिनार किया गया. आम लोगों, गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है. ऐसा प्रतीत हो रहा कि सरकार बजट के नाम पर बस खानापूर्ति कर रही है. सरकार का मुख्य उद्देश्य बस समय काटना है. स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क, इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर कोई फोकस नहीं. आंकड़ों को सजाकर सरकार ने भारी-भरकम बजट पेश किया है. राजकोषीय घाटा कैसे सुदृढ़ हो, इसे सुनिश्चित करने में सरकार लगातार नाकाम साबित होती रही है. क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने हेतु सरकार ने पहल तो की, लेकिन इसमें नागपुरी, कुड़माली, पंचपरगनिया, खोरठा भाषाओं को शामिल नहीं किया, यह दुःखद है, चिंतनीय है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/VINOD-SINGH_684.jpg"

alt="" width="960" height="957" />

निराशाजनक बजट, महिला और युवाओं के लिए कुछ नहीं : विनोद सिंह

Ranchi : माले विधायक विनोद सिंह ने कहा कि बजट में अगर आप देखेंगे तो सबसे निराशा करने वाली बात यह है कि बजट की शुरुआत कर रहे हैं हमीन बजट से. मगर महिलाओं और युवाओं पर जोर नहीं दिया गया है. महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण की बात कही गयी थी. चुनाव से पहले का यह बजट है. महिला आरक्षण को इन्होंने छोड़ दिया. महिलाओं को सशक्तिकरण तो छोड़िए सहिया, जलसहिया, रसोइया इनको न्यूनतम मजदूरी की भी गारंटी नहीं दी गयी है. विनोद सिंह ने कहा कि युवाओं के लिए नियुक्ति की बात कही थी, 2023 हो गया. नीति तो छोड़िए पुरानी नीतियों के अनुसार भी विभिन्न नियुक्तियां होगी कि नहीं, पता नहीं. स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के साथ किसी भी विभाग में नियुक्तियां नहीं दिख रही है. जो काफी निराशाजनक है. युवाओं और महिलाओं में काफी निराशा है. इसे भी पढ़ें – राहत">https://lagatar.in/shortage-of-doctors-will-go-away-rims-gets-26-new-doctors/">राहत

: चिकित्सकों की कमी होगी दूर, रिम्स को मिले 26 नए डॉक्टर
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp