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बड़ा है गड़बड़झाला : 50 फीट चौड़ी नदी बन गयी 10 फीट का नाला

Hazaribagh (Pramod Upadyay) : हजारीबाग जिले के कटकमदाग स्थित गोंदा डैम से निकलनेवाली नदी का अस्तित्व खतरे में है. पहले जहां करीब 50 फीट चौड़ी पाट वाली नदी बहती थी, वहां अब 10 फीट का नाला बह रहा है. यही नदी स्थानीय खीरगांव स्थित मुक्तिधाम में बहती है, जहां मरणोपरांत लोगों का अंतिम संस्कार किया जाता है. दरअसल जमीन पर कब्जा कर भू-माफिया ने दो दर्जन लोगों से शुरुआत कर अब गए एक हजार लोगों को बसा दिया. नदी की चौड़ी पाट गुजरते वर्षों के बाद सिमटती चली गई. भू-माफियाओं ने नदी को भरते-भरते उसका वजूद ही खत्म कर डाला. इन क्षेत्रों के लोग भुगतते हैं खामियाजा हर बारिश में इसका खामियाजा शहर के कुम्हारटोली, रामनगर, शिवपुरी और पेलावल की बड़ी आबादी भुगत रही है. जब पानी की धार उफान पर होती है, तो नदी किनारे बसाए गए लोगों के घर लबालब हो जाते हैं. उनका घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है. [caption id="attachment_397435" align="alignnone" width="750"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/river-1_75-750x536.jpg"

alt="बड़ा है गड़बड़झाला : 50 फीट चौड़ी नदी बन गयी 10 फीट का नाला" width="750" height="536" /> बड़ा है गड़बड़झाला : 50 फीट चौड़ी नदी बन गयी 10 फीट का नाला[/caption] वर्ष 2007 में किया था पीआईएल दायर स्थानीय निवासी और समाजसेवी मनोज गुप्ता बताते हैं कि उन्होंने वर्ष 2007 में इस मामले पर हाई कोर्ट भी गए थे. पीआईएल (जनहित याचिका) दायर होने पर हाई कोर्ट ने इस मामले में सीओ को तलब किया था और अतिक्रमण हटाने का आदेश भी जारी किया था. पूर्व के सीओ ने आश्वस्त किया था कि इस नदी के किनारे से अतिक्रमण हटाया जाएगा, लेकिन वह सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित रहा. किसी प्रकार की कार्रवाई अब तक नहीं की गई. गांधी स्मारक और छठ घाट पर भी कब्जा जमाने का प्रयास कुम्हारटोली में इसी नदी के किनारे गांधी स्मारक है. यहां भू-माफिया ने गांधी स्मारक को भी क्षतिग्रस्त कर उस जमीन पर कब्जा जमाने का प्रयास किया था. वर्ष 1950 में यहां बापू का अस्थि कलश लाया गया था. यहां गांधी जयंती और पुण्यतिथि पर प्रशासन से लेकर आमजन और जनप्रतिनिधियों तक का आगमन होता है. वहीं इसी स्थल पर छठ घाट भी बना है. यहां कुम्हारटोली, विष्णुपुरी, जगदीश कॉलोनी, रामनगर, शिवपुरी, शिवदयालनगर, कूद, रेवाली आदि से हजारों श्रद्धालु छठ करने के लिए आते हैं. भू-माफिया के कब्जे के बाद यह स्थल संकुचित हो गया है. इससे यहां जुटनेवाली भीड़ को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. नदी के किनारे जारी है शराब का गोरखधंधा रामनगर नदी के किनारे शराब का गोरखधंधा भी चल रहा है. जो बापू शराब के सख्त खिलाफ थे, उनके स्मारक के चंद फासले पर ही कूद रेलवे स्टेशन, उधर से यशवंत नगर के पहले बड़कागांव रोड, कुम्हारटोली की ओर छोटी-छोटी भट्ठियां बनाकर शराब का धंधा किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें-किशोरी">https://lagatar.in/case-of-getting-a-sit-in-meeting-with-the-teenager-the-main-accused-surrendered-the-attachment-house-rest-accused/">किशोरी

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