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बड़ी खबरः कारोबारी विष्णु अग्रवाल को ED ने पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार

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Ranchi: कारोबारी विष्णु अग्रवाल सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जोनल ऑफिस में शाम 4.15 बजे पहुंचे. जिसके बाद ईडी के अधिकारियों के द्वारा पूछताछ की गई. लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने विष्णु अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया. इससे पहले ईडी ने विष्णु अग्रवाल को बीते 26 जुलाई को उपस्थित होने को कहा था, लेकिन वो ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे. उन्होंने ईमेल के माध्यम से बताया कि आज उनके घर पर पूजा हो रही है, इसलिए वह आज उपस्थित नहीं हो पाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने 10 दिनों की मोहलत मांगी थी. जिसके बाद ईडी ने फिर से समन जारी करते हुए 31 जुलाई को हाजिर होने का आदेश दिया था. इसे पढ़ें- रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-on-the-instructions-of-cm-minister-mithilesh-met-the-family-members-of-late-cpim-leader-subhash-munda/">रांचीः

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इन मामलों में हुई पूछताछ

विष्णु अग्रवाल से चेशायर होम रोड स्थित एक एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री के सिलसिले में पूछताछ की गई. आरोप है कि उक्त जमीन की खरीद-बिक्री कोलकाता के रजिस्ट्री कार्यालय में रखे गये मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ कर तैयार किये गये फर्जी कागजात के आधार पर की गयी है. जमीन की इस खरीद-बिक्री में पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश और जालसाजी कर जमीन की खरीद-बिक्री करनेवाले गिरोह के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है. फॉरेंसिक जांच में इस जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ किये जाने की पुष्टि हो चुकी है. इसके अलावा पुगड़ु में 9.30 एकड़ जमीन को लेकर भी विष्णु अग्रवाल से पूछताछ की गई. विष्णु अग्रवाल ने 8 अगस्त 2019 को ये जमीन खरीदी थी और म्यूटेशन के लिए अप्लाई किया था. जिसके बाद तत्कालीन सीओ शुभ्रा रानी ने 10 दिसंबर 2019 को ये बताया कि ये जमीन खासमहाल की है, लेकिन एलडीआर के लीज लिस्ट में इसका जिक्र नहीं है. फिर एक साल के बाद नामकुम सीओ ने 8 दिसंबर 2020 को उपायुक्त को विषयांकित भूखंड को खासमहाल भूमि की प्रतिबंधित सूची में शामिल करते हुए लॉक करने की अनुशंसा की थी. इसे भी पढ़ें- रिम्स">https://lagatar.in/case-of-assault-among-rims-mbbs-students-accused-students-will-have-to-come-with-their-parents-and-answer-to-the-management/">रिम्स

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कौन-कौन हैं संलिप्त

बता दें कि जालसाजी कर तैयार किये गये दस्तावेज के आधार पर भरत प्रसाद और इम्तियाज ने चेशायर होम रोड की जमीन की खरीद-बिक्री के लिए राजेश राय से पावर ऑफ अटॉर्नी ली थी. इसके बाद यह जमीन पुनीत भार्गव को बेची गयी. विष्णु अग्रवाल ने पुनीत भार्गव से यह जमीन खरीदी है. इस जमीन की खरीद-बिक्री में शामिल भरत प्रसाद और राजेश राय को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. इस जमीन की खरीद-बिक्री में प्रेम प्रकाश की भी संलिप्तता है. उसे अवैध खनन से मनी लॉउंड्रिंग के आरोप में पहले ही जेल भेजा जा चुका है. [wpse_comments_template]

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