Ranchi : रांची के विभिन्न जलाशयों और तालाबों के अतिक्रमण से संबंधित मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई. हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार मिश्र और जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ में सुनवाई हुई. सभी पक्षों को सुनने और राज्य सरकार द्वारा दिये गये जवाब के बाद अदालत ने यह याचिका निष्पादित कर दी है. साथ ही अदालत ने प्रार्थी को यह छूट दी है कि अगर निगम और सरकार हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं करती है तो दोबारा अवमानना याचिका दाखिल कर सकती है. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि नदियों और तालाबों के आसपास से अतिक्रमण हटाया गया है और तालाब प्रदूषित न हो इसके लिए भी कई कदम उठाए गए हैं. इसे भी पढ़ें -अवैध">https://lagatar.in/hc-said-on-illegal-mining-garhwa-palamu-and-daltonganj-should-ensure-that-illegal-mining-will-not-happen-now/">अवैध
खनन पर हाईकोर्ट सख्त- गढ़वा, पलामू और डाल्टनगंज DC को कहा, अवैध खनन न हो यह सुनिश्चित करें बता दें कि रांची के बड़ा तालाब और जिला के आसपास के जलस्रोतों को संरक्षित करने और इसमें हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. खुशबू कटारुका के द्वारा दाखिल जनहित याचिका में कहा गया है कि बड़ा तालाब, कांके डैम और धुर्वा डैम की सैकड़ों एकड़ जमीन अतिक्रमणकारियों द्वारा हड़प ली गई है. वहां मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है. जिसका बुरा असर जलाशयों पर पड़ रहा है. इतना ही नहीं रांची में तालाबों की स्थिति भी बदतर होती जा रही है. इसे भी पढ़ें -BIG">https://lagatar.in/big-news-top-maoist-leader-of-jharkhand-arrested-from-kerala/">BIG
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बड़ा तालाब अतिक्रमण PIL निष्पादित, HC ने कहा – तालाब व जलाशय दूषित न हो, ध्यान दे सरकार

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