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मजिस्ट्रेट से कहता रहा वह फर्जी नहीं सही विद्यार्थी है
छात्र ने बताया कि उसके परीक्षा का सेंटर अरवल बालिका उच्च विद्यालय में था. छात्र को पहले स्कॉलर बताकर उसे परीक्षा हॉल से बाहर निकाला और शौचालय में बंद कर दिया. छात्र मजिस्ट्रेट से यह कहता रहा है कि वह फर्जी नहीं सही विद्यार्थी है. उसके बाद भी उसे निकाला गया. छात्र की पहचान तेलपा का रहने वाला नीतीश कुमार के रूप में हुई है.छात्र ने परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे तक परीक्षा दिया था. अब परीक्षा देने से मना करने के बाद उसका पूरा साल खराब हो सकता है.परिजनों ने स्थापना शाखा में आवेदन दिया
छात्र के परिजन नाराज हो गए और मजिस्ट्रेट के खिलाफ मामला दर्ज कराने थाने पहुंचे. पुलिस ने पहले डीएम से मिलने की बात कहकर मामला दर्ज नहीं किया. इसके बाद छात्र अपने परिजन के साथ डीएम से मिलने समाहरणालय पहुंचे.यहां डीएम से भी उनकी मुलाकात नहीं हो सकी. जिसके बाद परिजनों ने स्थापना शाखा में आवेदन दिया है. छात्रों के साथ घटी घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या मजिस्ट्रेट को यह अधिकार है कि वह किसी छात्र को शौचालय में बंद करें. इसे भी पढ़ें - नियोजन">https://lagatar.in/planning-policy-does-the-government-have-any-option-left-before-2016/">नियोजननीति : क्या सरकार के पास 2016 से पहले का ही बचा है विकल्प [wpse_comments_template]

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