Bihar : बिहार में बर्ड फ्लू खतरनाक रूप लेता जा रहा है. पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया दरभंगा और मुंगेर में अब तक 400 से अधिक कौवों में एच1एन1 वायरस की पुष्टि हो चुकी है. नवगछिया के कचहरी मैदान में 150 मृत कौएं पाए गए थे.
जिला प्रशासन ने पूरे एरिया को सैनिटाइज किया था. कौओं के बाद अब मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. पटना के चितकोहरा स्थित कौशल नगर में बिहार पशु विज्ञान यूनिवर्सिटी के पोल्ट्री अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र में भी 6000 मुर्गियां संक्रमित पाई गई हैं.
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने सभी मुर्गियों को दफना दिया है. संक्रमण की पुष्टि के बाद पूरे इलाके को सेनिटाइज किया गया. पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों के सैंपल लिए गए. इनके सैंपल भोपाल और कोलकाता लैब टेस्ट के लिए भेजे गए थे. इसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है. पटना जू को 7 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है.
सभी जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. राज्य के कुछ जगहों पर पक्षियों और मुर्गियों में मिले बर्ड फ्लू की सूचना के बाद राज्य स्वास्थ्य समिति ने संबंधित क्षेत्र के आस-पास के अस्पतालों को सतर्क कर दिया है. इसको लेकर समिति की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है.
साथ ही त्वरित कार्रवाई दल का गठन किया गया है. समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने बताया कि सिविल सर्जनों को इस संबंध में फिर रिमाइंड किया गया है. समिति इससे संबंधित रिपोर्ट सभी जिलों से प्रतिदिन समिति ले रही है.
समिति ने कहा कि जहां भी बर्ड फ्लू की सूचना मिलती है, उसके 3 किलोमीटर की परिधि में एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर इससे जुड़े मामलों की जांच कराएं.
लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है. साथ ही मुर्गीपालकों को भी सतर्क रहने को कहा है. आम लोगों से अपील की गई है कि मृत पक्षी दिखने पर उसे न छुएं, ना उठाएं. इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या पशुपालन विभाग को दे.
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