New Delhi : आईएएस अधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन को रिहा किए जाने के फैसले पर आईएएस एसोसिएशन ने ऐतराज जताया है. एसोसिएशन ने बिहार सरकार की निंदा करते हुए कहा कि यह फैसला सही नहीं है. आईएएस एसोसिएशन ने ट्वीट किया कि आनंद मोहन को रिहा किए जाने का फैसला बहुत ही निराश करने वाला है. उन्होंने (आनंद मोहन) जी कृष्णैया की नृशंस हत्या की थी. ऐसे में यह दुखद है. बिहार सरकार जल्दी से जल्दी फैसला वापस ले. ऐसा नहीं होता तो ये न्याय से वंचित करने के समान है.
The Central IAS Association expresses its deep dismay at the decision of the State Government of Bihar to release the convicts of the brutal killing of Late Shri G Krishnaiah, IAS, former District Magistrate of Gopalganj, by a change in classification rules of prisoners. pic.twitter.com/a84s7pYL20
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— IAS Association (@IASassociation) April">https://twitter.com/IASassociation/status/1650874209227411457?ref_src=twsrc%5Etfw">April
25, 2023
कृष्णैया की पत्नी ने कहा- रिहाई नहीं फांसी की सजा होनी चाहिए
इधर, साल 1994 में लिंचिंग का शिकार बने आईएएस जी.कृष्णैया की पत्नी ने अफसोस जताते हुए कहा कि सरकार ने बहुत गलत फैसला लिया है. उन्होंने आनंद मोहन को रिहा करने के मामले में कहा कि ईमानदार अफसर को मारने वाला छूट गया. कृष्णैया की पत्नी ने टी उमा देवी ने कहा कि मैं राष्ट्रपति और पीएम से इस मामले में दखल देने और रोकने की गुजारिश करती हूं. ईमानदार अधिकारी की हत्या करने वाले को रिहा किया जा रहा है. इससे मालूम चलता है कि जूडिशल सिस्टम क्या है? उन्होंने राजपूत और बाकी समुदायों से आनंद मोहन की रिहाई का विरोध करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आनंद मोहन को फांसी की सजा होनी चाहिए.
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