Patna : NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आज पूरे बिहार में बंद का आह्वान किया गया है. बिहार बंद का असर कई जिलों में देखने को मिला. इस दौरान कई जगह प्रदर्शन, सड़क जाम और पुलिस-छात्र के बीच नोकझोंक भी हुई. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर विरेध दर्ज कराया. बंद के दौरान पुलिस ने कई जगह पर छात्रों पर लाठीचार्ज किया.

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
छात्र सुबह से ही बंद को लेकर सक्रिय नजर आए. वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. छात्रों के प्रदर्शन को देख पुलिस के साथ एसएसबी और अन्य पारा मिलिट्री बलों को चौक चौराहों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगाया गया है. शहर में अर्धसैनिक बलों की 14 कंपनियां तैनात की गई हैं. इसके अलावा 500 अतिरिक्त होमगार्ड को भी प्रतिनियुक्त किया गया है. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की है.
डाक बंगला चौराहे के पास बंद का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता ने सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग की. हंगामे के दौरान यहां पथराव भी हुआ, जिसके बाद पुलिस ने बल का प्रयोग कर छात्रों को खदेड़ा.
सीवान के गांधी मैदान में प्रदर्शन के बाद उग्र हुए छात्रों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया और की जगह आंसू गैस भी छोड़े गए. लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए.
समर्थन में सड़क पर उतरे जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया है. तेज प्रताप यादव अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए थे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उन्हें हिरासत में लिया और आगे की कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई.
तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार पर छात्र हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक जैसे मामलों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. पटना के जेपी गोलंबर के पास जुटे कई प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
प्रशासन की ओर से लगातार प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई. वहीं, छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं. छात्र संगठनों ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.
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