Patna: राज्य के विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ने बड़ी पहल की है. केंद्र ने विभिन्न राज्यों को उनकी टैक्स में हिस्सेदारी के तहत एक लाख 9 हजार 19 करोड़ दी है. यह राशि 10 अगस्त को मिलने वाली नियमित मासिक कर हिस्सेदारी से अलग है.
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इस सहायता राशि में बिहार को 10,845 करोड़ मिले हैं. उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक 19,208 करोड़ दिए गए हैं. इसके अलावा पश्चिम बंगाल को 7 हजार 866 करोड़, झारखंड को 3 हजार 660 करोड़, मध्य प्रदेश को 8 हजार 10 करोड़, महाराष्ट्र को 7 हजार 22 करोड़, राजस्थान को 6 हजार 460 करोड़ और सिक्किम को 365 करोड़ मिले हैं.
इस राशि का उपयोग सड़क, पुल, अस्पताल, स्कूल और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा करने में किया जाएगा. इसके साथ ही ग्रामीण विकास, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर भी खर्च बढ़ाया जाएगा.
सरकार का कहना है कि इतनी बड़ी राशि समय से पहले मिलने से राज्यों को विकास परियोजनाओं के लिए धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. इससे पूंजीगत निवेश में तेजी आएगी और लंबित परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है.
गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में भी केंद्र सरकार ने राज्यों को 1 लाख 1 हजार 603 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय सहायता जारी की थी, ताकि विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाएं बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकें. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि बिहार इस नई वित्तीय सहायता का उपयोग विकास कार्यों में किस तरह करता है.
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