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अभावों से गुजर रहा बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय

Ranchi/Dhanbad: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय की स्थापना साल 2017 में हुई थी. विश्वविद्यालय का अपना भवन तक नहीं है. पीजी डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स को तीन स्थानों पर पढ़ाया जाता है. विश्वविद्यालय के पास लेबोरेटरी और लाइब्रेरी भी नहीं है. विश्वविद्यालय के अधीन कुल 32 कॉलेज हैं जिसमें 22 कॉलेज एफलिएटेड है. शिक्षको की कुल स्वीकृत पद 146 है जिसमें से 65 ही कार्यरत हैं.

अधूरे भवन का हुआ था उद्घाटन

बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के नए भवन का उद्घाटन पिछले साल ही किया गया था. जिस वक्त भवन का उद्घाटन किया गया था, उस वक्त भवन आधा अधूरा ही बना था. सीसीडीसी एके मांझी ने बताया कि नया भवन लगभग 348 करोड़ के लागत से बना है. तत्कालीन कुलपति डॉ. अंजनी कुमार श्रीवास्तव की कार्यकाल समाप्त हो रहा था, इसलिए उन्होने आनन-फानन में अधूरे बने भवन का उद्घाटन करवा दिय. इसका विरोध भी हुआ. उद्घाटन के शिलापट पर स्थानीय विधायक इंद्रजीत महतो का नाम नहीं होने से विधायक के समर्थकों ने खूब हो हंगामा किया था. गोमिया के विधायक डॉ. लम्बोदर महतो ने इस बात की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र महतो से की थी. बढते विवाद को देखते हुए तत्तकालीन कुलपति ने शिलापट में कई और विधायकों व सांसदों का नाम जुड़वाया. इसे भी पढ़ें–चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-kus-bba-and-bca-semester-three-students-promoted-the-examination-board-stamped/">चाईबासा

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भवन नहीं होने से छात्रों को परेशानी

विश्वविद्यालय के पीजी डिपार्टमेंट के छात्र अलग-अलग स्थानो पर क्लास करते हैं. जनसंचार, बंगला, संस्कृत, कला सास्कृतिक विषय के स्टूडेंट्स एसएसएलएंनटी के भवन में क्लास करते हैं. बंगला संस्कृत का तो ठीक है लेकिन जमसंचार और कला संस्कृति के स्टूडेट्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इतिहास, मैनेजमेंट और राजनीति शास्त्र जैसे विषयों की पढ़ाई प्रशासनिक भवन के पास केबिननुमा कक्षाओं में होती है. हिदीं, केमेस्ट्री जैसे अन्य विषयों का क्लास पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज में चलता है.

ना लाइब्रेरी और ना ही लेबोरेटरी

विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ने कहा कि विश्वविद्यालय में लाइब्रेरी और लेबोरेटरी का होना जरुरी है, लेकिन यहा ना लाइब्रेरी है और ना ही लेबोरेटरी. वहीं पीके रॉय कॉलेज का अपना लाइब्रेरी और लेबोरेटरी है. सत्र 2019 -21 के विद्यार्थियों को कभी भी लैब में प्रैक्टिस नहीं करवाया गया. एक कारण कोरोना भी रहा. लाइब्रेरी नहीं होने के कारण सारी किताबें उपलब्ध नहीं होते हैं. स्टूडेंट्स ने आगे कहा कि अभी तक विश्वविद्यालय अभाव में ही चल रहा है. इसे भी पढ़ें–साधारण">https://lagatar.in/ordinary-worker-entrusted-with-the-responsibility-of-party-leadership-it-is-a-matter-of-pride-rajesh-thakur/">साधारण

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2 महीनों में नये भवन में  शिफ्ट

बीबीएमकेयू के सीसीडीसी डॉ. एके मांझी ने कहा कि नए भवन को हैंडओवर लेने के लिए तीन सदस्य कमीटी बनीं है. हमलोगों को टेक्निकल जानकारी नहीं है. नगर निगम के इंजीनियरों को बुला कर जांच करवाई जाएगी. फिर नये भवन में सब शिफ्ट हो जाएंगे. [wpse_comments_template]

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