इश्क और शादी में धोखा खा चुकी हैं श्वेता तिवारी
alt="" width="600" height="400" /> जब बात इश्क में धोखा खाने की हो तो श्वेता तिवारी का नाम कैसे भूला जा सकता है. इश्क के कारण श्वेता तिवारी को जिंदगी में बहुत कुछ झेला है. आलम यह है कि एक्ट्रेस का एतबार इश्क और शादी दोनों से उठ सा गया है. श्वेता तिवारी को अब न मोहब्बत पर भरोसा है और ना शादी पर विश्वास. शादी की चर्चा होते ही श्ववेता कहती हैं कि उन्हें शादी में विश्वास नहीं है. एक्ट्रेस का इन सब चीजों से विश्वास इस कदर टूट गया है कि उन्होंने अपनी बेटी तक को शादी ना करने की राय दी है. हालांकि श्वेता ने यह भी कहा था कि जिंदगी उसकी है तो बेशक उसे खुद इस बारे में सोचना होगा. लेकिन एक मां होने के नाते श्वेता ने अपनी बेटी को राय दी कि शादी करने से पहले वो सौ बार सोच ले. सिर्फ इसलिए कि आप एक रिश्ते में हैं, तो आपको शादी करने की जरूरत है, यह जरूरी नहीं है.``
प्रोफेशनल से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहीं एक्ट्रेस
alt="" width="600" height="400" /> श्वेता तिवारी प्रोफेशनल लाइफ को लेकर तो चर्चा में रहती हैं. लेकिन इससे ज्यादा वो अपने पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियां बटोरती हैं. दो असफल शादियों और उसके बाद के ड्रामा के कारण जिंदगी में श्वेता तिवारी ने बहुत कुछ झेला है. सिंगल मदर के तौर पर उन्होंने कई बार अपना दर्द साझा किया है. हाल ही में एक्ट्रेस ने अपनी शादी और तलाक के कारण होने वाली ट्रोलिंग पर खुलकर बात की. एक इंटरव्यू में श्वेता तिवारी ने शादी जैसे अहम मुद्दे पर अपनी राय रखी थी. एक्ट्रेस ने इस पर दो टूक कहा था कि उन्हें अब शादी में विश्वास नहीं है. श्वेता ने कहा कि "ईमानदारी से कहूं तो, मैंने अपनी पहली शादी को बचाने की कोशिश की थी. लेकिन मैंने अपनी दूसरी शादी में समय बर्बाद नहीं किया. मुझे पता था कि ये खराब हो गयी है और अब ये और खराब होने वाली है, चाहे मैं इसे बचाने की कितनी भी कोशिश करूं.
अपनी शादियों के असफल होने पर श्वेता ने कभी खुद को दोष नहीं दिया
alt="" width="700" height="400" /> अपनी दो असफल शादियों पर बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा था कि मैंने कभी खुद को दोष नहीं दिया. मैं अपनी गलतियों से वाकिफ थी. मुझे ये भी पता है कि आज जो मैं भुगत रही हूं, किस गलती की वजह से भुगत रही हूं. अब मैं या तो उन गलतियों पर नाराज हो सकती हूं और भगवान को दोष दे सकती हूं या कोई और रास्ता निकाल सकती हूं. मैंने महसूस किया है कि कुछ भी स्थायी नहीं है. अच्छा और बुरा समय, दिन और रात की तरह होता है, इसलिए जब आपका समय अच्छा हो, तो इसे अपने सिर पर न चढ़ने दें.

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