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भाजपा ने खड़गे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पूर्व राष्ट्रपति कोविंद का अपमान करने का आरोप लगाया

New Delhi :  भारतीय जनता पार्टी  ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है   पार्टी ने खड़गे और कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है. 

 

 

 

 


मामला यह है कि  एक दिन पहले मल्लिकार्जुन खड़गे ने छत्तीसगढ़ के एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू और पूर्व राष्ट्रपति कोविंद के नामों का कथित तौर पर गलत उच्चारण किया था.  हालांकि बाद में उन्होंने अपनी गलती सुधारी.

 

 रायपुर में एक सार्वजनिक रैली में सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा था कि भाजपा हमेशा (द्रौपदी) मुर्मू जी और (राम नाथ) कोविंद जी को देश का राष्ट्रपति बनाने की बात करती है, लेकिन क्या पार्टी ने यह सब हमारी संपत्ति, जंगल, जल और जमीन छीनने के लिए किया है. 


 
 आज मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी और पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के लिए आपत्तिजनक शब्द कहे. यह भी आरोप लगाया कि यह कांग्रेस के डीएनए में मौजूद दलित विरोधी, आदिवासी विरोधी और संविधान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है. 


  
गौरव भाटिया कहा, खड़गे) जी बड़ी-बड़ी बातें करते हैं. आपने रामनाथ कोविंद जी को कोविड' कहा. आप मुरमा जी कहते हैं और फिर उन्हें (राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू) भू-माफिया कहते हैं, आरोप लगाते हैं कि वह संपत्ति, जंगल छीनने के लिए राष्ट्रपति बनी हैं. 


 
गौरव भाटिया ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे राष्ट्रपति के खिलाफ की गयी टिप्पणियों के लिए माफी मांगें.  भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने न सिर्फ उनका अपमान किया, बल्कि अपनी टिप्पणियों से आदिवासी और दलित समुदाय के सदस्यों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई. 

 

गौरव भाटिया ने कहा, राहुल गांधी के इशारे पर रिमोट कंट्रोल वाले अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी जो आदिवासी विरोधी, दलित विरोधी, महिला विरोधी और संविधान विरोधी बयान दे रहे हैं, उस पर पूरा देश थू-थू कर रहा है.

 

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि उसकी मानसिकता बकवास है. भाजपा दिखाती हैं कि हमारी राष्ट्रपति एक आदिवासी महिला हैं, लेकिन वह खुद आदिवासी समुदायों से 'जल, जंगल, ज़मीन छीन रही हैं.लाखों पेड़ काटे जा रहे हैं.  आदिवासियों पर अत्याचार किया जा रहा है. इसका पर्दाफाश होना चाहिए.

  

 

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