Search

भाजपा ने 2014 के विधानसभा चुनाव में किया था सबसे बेहतर प्रदर्शन

  • - 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में मिले थे 34.1 प्रतिशत वोट, लेकिन मात्र 25 सीट ही जीत पायी पार्टी, 6 पर हो गयी थी जमानत जब्त
  • - 2014 में भाजपा ने 72 सीटों पर लड़ा था चुनाव, 37 जीते,1 पर जमानत जब्त, 35.16 प्रतिशत मिला था वोट
  • - 2009 में 67 सीटों पर भाजपा लड़ी थी चुनाव, 18 सीट पर जीत हासिल, 12 पर हुई जमानत जब्त, 24.44 प्रतिशत मिला था वोट
  • - 2005 में भाजपा ने 63 सीटों पर लड़ा था चुनाव, 30 सीट पर जीत दर्ज, 8 पर जमानत जब्त, 30.19 प्रतिशत मिला था वोट
Pravin Kumar Ranchi :  झारखंड में भाजपा संयुक्त बिहार के समय से ही संगठनात्मक रूप से मजबूत करता रही है. लेकिन कभी भी भाजपा झारखंड में सरकार बनाने के लिए 81 विधानसभा सीटों वाले इस प्रदेश में बहुमत का आंकड़ा अकेले पार नहीं कर पायी. पिछले चार विधानसभा चुनावों में भाजपा के वोटों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. 2004 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 63 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इसमें से 30 सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि 8 सीट पर जमानत जब्त हो गयी थी. वहीं इस चुनाव में भाजपा को 30.19 प्रतिशत वोट मिले थे. इसके बाद 2006 में झारखड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भाजपा से अलग होकर एक नयी पार्टी झारखंड विकास मोर्चा का गठन किया था. इससे भाजपा को काफी नुकसान हुआ था.

भाजपा को 2009 में लगा था झटका

2009 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को तगड़ा झटका लगा था. पार्टी 67 सीटों चुनाव लड़ी, जिसमें मात्र 18 सीटें ही जीत पायी. इस चुनाव में भाजपा के 12 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी थी. भाजपा के वोट प्रतिशत में बाबूलाल मरांडी के पार्टी छोड़ने के कारण भारी गिरवाट आयी. भाजपा को मात्र 24.44 प्रतिशत वोट ही मिले थे.

2014भाजपा के लिए रहा था सबसे बेहतर

2014 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 72 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इसमें से 37 सीट पर जीत दर्ज की थी. वहीं एक सीट पर जमानत जब्त हुई थी. भाजपा को 35.16 प्रतिशत वोट मिले थे. इन चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. 2014 का झारखंड विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए सबसे बेहतर रहा था. भाजपा ने रघुवर दास को मुख्यमंत्री बनाया. भाजपा ने बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व वाले झारखंड विकास मोर्चा के आठ में से छह विधायकों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कर लिया था. तब जाकर रघुवर दास के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपना पूर्ण बहुमत जुटा पायी थी.

2019 में भाजपा को 34.1 प्रतिशत मिले वोट, सीटें जीतीं मात्र 25

2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा रघुवर दास के नेतृत्व में चुनाव लड़ी. लेकिन आदिवासी रिजर्व सीटों पर भाजपा की हार हुई. आजसू ने भी एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ा, जिसका खामियाजा आजसू और भाजपा दोनों को उठाना पड़ा. दोनों पार्टियों ने अपनी सीटिंग सीटें गंवा दी. भाजपा की रघुवर सरकार की नीतियों से आदिवासी रिजर्व सीटों पर हार का समाना करना पड़ा. 28 में 26 आदिवासी सीटों पर भाजपा को हार का समाना करना पड़ा. 2019 में भाजपा 79 सीटों चुनाव लड़ी थी, जिसमें 25 पर जीत मिली. वहीं 6 सीट पर जमानत जब्त हो गयी. भाजपा को 34.1 प्रतिशत मिला वोट मिले थे.  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp