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भाजपा को है बिहार में नीतीश को चुनौती देनेवाले चेहरे की तलाश !, बढ़ेगा बिजली बिल, लगेगा झटका, गांव, युवा और किसान पर रखें बजट का फोकस: सीएम, किराए के ड्राइवर की मौत पर भी मुआवजा दे बीमा कंपनी, 10 करोड़ के टेंडर में फर्जीवाड़ा समेत कई अहम खबरें पढ़ें अपने प्रिय अखबार शुभम संदेश में

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Ranchi : बिहार की सियासत रोज करवट ले रही है. राजनीति की बिसात पर नित्य नये प्रयोग हो रहे हैं. पक्ष-विपक्ष 2024 का समर फतह करने को नए शमशीर की तलाश में जुटा है. ‘इंडिया’, गठबंधन नीतीश कुमार को संयोजक बनाकर चुनावी संग्राम में अपनी जीत सुनिश्चित करने की तैयारी में है. वहीं, भाजपा बिहार में नीतीश के सामने एक ऐसे चेहरे को ढूंढ रही है, जिसे आगे कर न सिर्फ 2024 में नीतीश की अगुवाई वाले ‘इंडिया’ गठबंधन को पछाड़ा जा सके, बल्कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी महागठबंधन को कड़ी टक्कर दे सके. जनवरी का महीना राज्य के 58 लाख बिजली उपभोक्ताओं की जेब ढीली करने वाला होगा. इस माह के अंत तक झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग वर्ष 2023-24 के लिए बिजली की नई दर लागू कर देगा. आयोग के सदस्य तकनीक अतुल कुमार ने बताया कि झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम से सात दिनों के अंदर जनसुनवाई पर आई आपत्तियों पर मंतव्य मांगा है. वितरण निगम से आए मंतव्य के बाद सलाहकार समिति की बैठक होगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बजट 2024-25 की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की. मुख्यमंत्री ने आगामी बजट में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, खेल, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, बिजली, पानी, सड़क, आवास योजना और सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत पेंशन राशि, स्कूल एवं कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति सहित अन्य प्रमुख मुद्दों पर विशेष फोकस किए जाने का निर्देश अधिकारियों को दिए. झारखंड हाइकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि बीमा एजेंसी वाहन दुर्घटना दावे के लिए किराए के ड्राइवर की मृत्यु की स्थिति में भी मुआवजा की राशि देने के लिए उत्तरदायी है, भले ही वह दुर्घटना चालक की लापरवाही के कारण हुई हो. यह दायित्व तब बनता है, जब बीमाकर्ता वाहन मालिक की क्षतिपूर्ति को कवर करने के लिए अतिरिक्त प्रीमियम स्वीकार कर लेता है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के क्लर्क सिस्टम पर भारी पड़ रहे हैं. रांची के रुक्का प्रमंडल में लिपिक द्वारा 20 करोड़ से ज्यादा की फर्जी निकासी का मामला सामने आया है. जांच चल रही है. क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. अब पेयजल विभाग के चाईबासा प्रमंडल में कागजी फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है. इसमें चाईबासा प्रमंडल के कैशियर और क्लर्क की संलिप्ता बतायी जा रही है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/01/1-66.jpg"

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