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भाजपा से किसी एक दल को नहीं बल्कि लोकतंत्र को खतरा- अविनाश पांडे

Ranchi : हेमंत सरकार को लेकर प्रदेश में सियासी हलचल के बीच कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे शनिवार शाम 7:50 बजे रांची पहुंचे. उन्होंने कहा कि अगर, हेमंत सरकार को बचाने के लिए फ्लोर टेस्ट की जरूरत पड़ी तो कोलकाता में फंसे तीनों विधायकों को वापस रांची लाएंगे. एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की और सीधे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे. अविनाश पांडे ने यहां कांग्रेस विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, सांसद गीता कोड़ा सहित पार्टी के विधायक उपस्थित थे. बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में अविनाश पांडे ने कहा कि आज जो स्थिति भाजपा ने बना दी है, उससे किसी एक पार्टी को नहीं बल्कि देश के लोकतंत्र पर खतरा है. उन्होंने मीडिया को स्पष्ट तौर पर बताया कि हेमंत सरकार के वर्तमान और भविष्य को लेकर कोई शंका नहीं है. सरकार अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेगी. प्रदेश प्रभारी ने कहा, कांग्रेस, झामुमो और राजद गठबंधन सरकार को जनता का पूरा विश्वास मिला हुआ है. सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और हम जनता की सेवा करेंगे. इसे पढ़ें-अधिवक्ता">https://lagatar.in/advocate-rajiv-kumar-case-ed-questioned-businessman-amit-agarwal-for-eight-hours/">अधिवक्ता

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प्रदेश में चल रही घटनाक्रम को लेकर अविनाश पांडे ने कहा, यह सब तो मीडिया के माध्यम से चल रहा है. राजभवन की तरफ से अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं आया है. एक बार जब आ जाएगा तब उसके बाद ही स्थिति क्लियर हो पाएगी. उन्होंने कहा कि, देश में जहां-जहां भी लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई गैर-भाजपाई सरकार है, उसे पूरी तरह से डिस्टर्ब किया जा रहा है. आप देख सकते हैं, चाहे दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार हो, झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार या कर्नाटक की सरकार, सभी को संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से लोकतंत्र को ताक पर रख आतंक जैसी स्थिति पैदा कर देश में आपातकालीन स्थिति पैदा की जा रही है. यह किसी पार्टी के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए खतरे का संकेत है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, डॉ रामेश्वर उरांव, बादल पत्रलेख, बन्ना गुप्ता, विधायक अंबा प्रसाद, दीपिका पांडेय सिंह, रामचंद्र सिंह, उमाशंकर अकेला, कुमार जयमंगल, सोना राम सिंकू, पूर्णिमा नीरज सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, भूषण बाड़ा, प्रदीप यादव उपस्थित रहे. वही, कांग्रेस के तीन विधायक डॉ इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी कैश कांड को लेकर कोलकाता में फंसे हुए हैं, इसलिए बैठक में शामिल नहीं हुए. विधायक ममता देवी निजी कारणों से नहीं आ सकीं. इसे भी पढ़ें-पिकनिक">https://lagatar.in/upa-showed-unity-on-the-pretext-of-picnic-cm-looked-careless-shared-selfie/">पिकनिक

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इससे पहले रांची पहुंचे कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने मीडिया कर्मियों से पूरी स्थिति को लेकर बातचीत की. उन्होंने कहा, कांग्रेस के सभी विधायक हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में एकजुटता के साथ खड़े हैं. सरकार पर कोई संकट नहीं है. जहां तक मुख्यमंत्री चेहरा बदलने की बात है, अभी तक केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा राजभवन को भेजी रिपोर्ट (जैसा की मीडिया में खबरें आ रही हैं) उसे सार्वजनिक नहीं किया गया है. ऐसे में सरकार को अभी किसी तरह की कोई विकल्प खोजने की जरूरत नहीं है.

यूपीए के सभी विधायक एकजुट- बन्ना

बैठक के बाद स्टेट गेस्ट हाउस से बाहर निकले मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा समय-समय पर हमें जो निर्देश मिलेगा, उसकी समीक्षा के लिए हम ऐसी बैठक करते रहेंगे. बन्ना ने कहा, राज्य में धर्मनिरपेक्ष सरकार को बचाने के लिए यूपीए के सभी विधायक एकजुट हैं. [wpse_comments_template]  

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