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TAC में PTG को आरक्षण, नयी नियमवाली रद्द करने और रूपा तिर्की केस की CBI जांच कराने की मांग पर राज्यपाल से मिले बीजेपी नेता

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राज्यपाल से मिला बीजेपी प्रतिनिधिमंडल, कहा “मुख्यमंत्री के बरहेट विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि की संलिप्तता आ चुकी है सामने

Ranchi: जनजातीय सलाहकार परिषद (टीएसी) के संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने और जनजाति महिला थानेदार रुपा तिर्की हत्या की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदेश बीजेपी नेताओं का एक प्रतिनिधि रविवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिला. प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के नेतृत्व में राजभवन पहुंचे बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल से कहा है कि हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली सरकार संविधान के पांचवी अनुसूची के प्रावधानों का उल्लंघन कर रही है.

जनजाति महिला थानेदार रूपा तिर्की आत्महत्या दरअसल एक हत्या है, लेकिन कई सफेदपोश इलाके के दबंग और मुख्यमंत्री के बरहेट विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि व जेएमएम के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा की संलिप्तता के बाद मामले को आत्महत्या का रूप दिया गया है. फिर भी सरकार मामले की जांच नहीं करा रही है.

बीजेपी नेताओं ने कहा, नयी नियमावली बना हेमंत सरकार ने उड़ा दी है संवैधानिक प्रावधानों की धज्जियां

बता दें कि बीते दिनों हेमंत सरकार ने झारखंड जनजातीय सलाहकार परिषद (टीएसी) की नयी नियमावली की अधिसूचना जारी कर दी है. इसके तहत अब टीएसी के गठन में राजभवन की भूमिका नहीं रहेगी, बल्कि मुख्यमंत्री ही सदस्यों का मनोनयन करेंगे. सरकार के इसी पहल को बीजेपी नेताओं ने पांचवी अनुसूची के संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन करना बताया है.

राज्यपाल को बताया गया है कि देश के जनजाति बाहुल्य इलाकों को चिंह्ति करके संविधान में अनुच्छेद 244(1) के तहत विशेष प्रावधान किये गये है. इसमें सबसे प्रमुख प्रावधान टीएसी को लेकर है. इसमें राज्यपाल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है. लेकिन हेमंत सोरेन सरकार ने उपरोक्त संवैधानिक प्रावधानों की धज्जियां उड़ा दी हैं. सरकार द्वारा परिषद के गठन के लिए जो नयी नियमावली तय की गयी है वह गैर-संवैधानिक है. यह सीधे-सीधे राज्यपाल के अधिकारों और कर्तव्यों के ऊपर गैर संवैधानिक अतिक्रमण है.

राज्यपाल से मिलने पहुंचे बीजेपी नेताओं ने की निम्नलिखित मांगें

• गैर संवैधानिक जनजाति सलाहकार परिषद (टीएसी) की नयी नियमावली को तत्काल निरस्त किया जाए.

• भविष्य में परिषद के अध्यक्ष के रुप में जनजाति समुदाय के ही शिक्षित व योग्य व्यक्ति को नियुक्त करने की नयी परंपरा राज्य में शुरू की जाए.

• टीएसी में आदिम जनजाति समुदाय (PTG) के महिला अथवा पुरुष सदस्य के लिए एक स्थान का अनिवार्य तौर पर आरक्षित हो.

• टीएसी में गैर विधायक एक जनजाति महिला सदस्य के लिए भी एक स्थान आरक्षित हो.

सरकार और पुलिस प्रशासन ने हत्याकांड को आत्महत्या साबित करने का किया प्रयास, हो सीबीआई जांच

राज्यपाल से मिलकर बीजेपी नेताओं ने साहेबगंज में पिछले दिनों आत्महत्या करने वाले एक जनजाति महिला थानेदार रूपा तिर्की को भी न्याय दिलाने की मांग की है. उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा उक्त हत्याकांड को आत्महत्या साबित करने का प्रयास किया गया है.

ऐसे में जरूरी है कि राज्यपाल जनजाति समुदाय के संवैधानिक अभिभावक होने के नाते वे अपने विशिष्ट अधिकारों का प्रयोग करते हुए हत्या की सीबीआई जांच कराने की दिशा में समुचित कार्रवाई करें.

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