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भाजपा सांसद ने राज्यसभा में ईशनिंदा कानून बनाये जाने की मांग की, कहा, सौ से अधिक देशों में लागू है यह कानून

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  New Delhi :  राज्यसभा में मंगलवार को ईशनिंदा कानून बनाये जाने और संविधान की प्रस्तावना में अहिंसा शब्द जोड़े जाने की मांग की गयी. वहीं पशुओं के खिलाफ क्रूरता, विदेशों में भारतीय छात्रों के खिलाफ अपराघ की घटनाओं और देश में भोजन की बर्बादी जैसे मुद्दों पर चिंता भी जताई गय. शून्यकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अशोक वाजपेयी ने देश में ईशनिंदा कानून बनाये जाने की मांग उठाई.                                                                                      ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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दूसरे धर्मावलंबी हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हैं

उन्होंने कहा कि सौ से अधिक देशों में आस्था का अपमान करने वालों के लिए ईशनिंदा कानून है. उन्होंने कहा कि भारत में सवा सौ करोड़ हिन्दू हैं और वह उदारवादी और सहिष्णु होते हैं लेकिन आये दिन उनकी आस्था पर चोट की घटनाएं देखने को मिलती हैं. वाजपेयी ने कहा कि ऐसी घटनाएं कई बार सामने आयी हैं जिनमें दूसरे धर्मावलंबी हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हैं, लेख लिखते हैं और चित्र तक बनाते हैं जिनसे हिन्दू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचती है लेकिन उनके खिलाफ समुचित दंड का कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर विषय बताया तथा इस क्रम में राजस्थान की एक घटना का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा,  मेरी अपील होगी कि देश में ईशनिंदा का कानून बने. धर्म, धर्म के प्रतीकों, धर्म के खिलाफ टिप्पणी, साहित्य या चित्र जैसी कार्रवाई के विरूद्ध कठोर कार्रवाई का प्रावधान हो.

बीजद की सुलता देव ने पशुओं के खिलाफ होने वाली क्रूरता पर चिंता जताई

बीजू जनता दल (बीजद) की सुलता देव ने पशुओं के खिलाफ होने वाली क्रूरता पर चिंता जताते हुए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377 को नयी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में शामिल करने की मांग उठाई. उन्होंने पशुओं के खिलाफ क्रूरता और लैंगिक अत्याचार के कुछ मामलों का उल्लेख किया और कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त पाये जाने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया जाना चाहिए. धारा 377 पशुओं की रक्षा से संबंधित है. 1860 से, आईपीसी की धारा 377 ने जानवरों के यौन शोषण को अपराध घोषित किया गया है. जानवरों को यौन शोषण से बचाने के लिए नये बीएनएस में कोई समानांतर कानून नहीं है.

के सी वेणुगोपाल ने विदेशों में भारतीय छात्रों की हत्या का मुद्दा उठाया

कांग्रेस सदस्य के सी वेणुगोपाल ने विदेशों में भारतीय छात्रों की हत्या का मुद्दा उठाया और सरकार से यह जांच कराने की मांग की कि कहीं ऐसी घटनाओं के पीछे घृणा अपराध तो कारण नहीं है. उन्होंने विदेश मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2018 से अब तक 400 से अधिक भारतीय छात्रों की विदेश में हत्याएं हुई हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी सर्वाधिक घटनाएं कनाडा और ब्रिटेन में हुई हैं. इस पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में कूटनीतिक स्तर पर सभी प्रकार के प्रयास करने चाहिए. [wpse_comments_template]  

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