- भ्रामक फैक्ट और फीगर लाकर राज्य सरकार को अस्थिर करने का प्रयास
- सारे फैक्ट वर्तमान सरकार के हैं, तो भाजपा कोर्ट में पीआईएल दायर करे
- भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जाफर इस्लाम और पार्टी सीबीआई और ईडी को होमवर्क देने का काम कर रहे
- जानबूझकर किसी की छवि को धूमिल करने का प्रयास होगा, तो क्यों जाएंगे सीएम ईडी कार्यालय, न्यायालय पर पूरा भरोसा
- भाजपा विधायक समरी लाल मामले में झामुमो ने राजभवन की निष्ठा पर उठाए सवाल
- भाजपा को चुनौती दी, हिम्मत है तो पार्टी कार्यालय से निकलकर गांव, खेत-खलिहान और आदिवासी-मूलवासियों के बीच जाकर बोले
भाजपा में बेचैनी हेमंत सरकार के कामकाज से है
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि दरअसल पूरा मामला हेमंत सरकार के कामकाज से भाजपा की बेचैनी का है. हेमंत सरकार पेसा ला रही है. सरकार नियुक्ति कर रही है. हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ अलग कर रही है. महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं. हमारी बच्चियां सावित्री फुले बाई स्कीम का फायदा उठा रही हैं. सरना धर्म कोड का प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार पर दबाव डाल रही है. यह सब भाजपा को रांची से दिल्ली तक हजम नहीं हो रहा है. इसलिए अब वह मुद्दाविहीन होकर अनर्गल बातें और सीधे तौर पर सोरेन परिवार पर व्यक्तिगत हमले कर रही है.क्यों जाएं ईडी कार्यालय, न्यायालय पर पूरा भरोसा
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स को हमवर्क देने का काम कर रही है. ये झूठे एवं भ्रामक डाटा कहां से आ रहे हैं, इसका सोर्स क्या है. यह भी सबके सामने आना चाहिए. पहले तो देश की विपक्षी पार्टियां आरोप लगाती थी कि केंद्र सरकार और भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियां गैर भाजपाई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास में जुटी है. मगर अब प्रमाण भी सामने आने लगे हैं. महाराष्ट्र का उदाहरण सबके सामने है. अगर भाजपा ये समझ रही है कि यह सब करने से हम झुक जाएंगे, तो गलत समझ रही है. अगर एक सीएम की छवि को खराब किया जाएगा तो वे लोग ईडी कार्यालय क्यों जाएंगे, कोर्ट गए हैं. न्यायालय पर पूरा भरोसा है. उन्होंने समरी लाल मामले में राजभवन के आए फैसले पर सवाल खड़ा किया है. कहा कि इस मामले में अधिक कहना उचित नहीं होगा. मगर यह साफ है कि फैसला क्यों और कैसे आया है.सरना धर्म कोड मामले में आने वाले दिनों में भाजपा होगी नंगा
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पूरे देश में झारखंड ही एक ऐसा राज्य है, जो झारखंड और देश में निवास करने वाले 12 करोड़ से अधिक प्रकृति पूजक आदिवासियों के लिए जनगणना प्रपत्र में अलग आदिवासी/ सरना धर्म कोड लागू करने का प्रस्ताव पास करके केंद्र के पास भेजा है. मगर इसमें भी राजभवन खेला कर रहा है. बार-बार झारखंड सरकार की ओर से केंद्र को पत्राचार किया जा रहा है. अगर इन्हें आने वाले जनगणना में अगल धर्म कोड नहीं मिला तो आदिवाासियों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा. इस मामले में भाजपा आने वाले दिनों में नंगा होने वाली है. इसे भी पढ़ें – धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-agreement-reached-on-11th-wage-settlement-strike-postponed-in-coal-india/">धनबाद: 11वें वेतन समझौता पर बनी सहमति, कोल इंडिया में टली हड़ताल [wpse_comments_template]
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