जोरावर व फतेह सिंह मुगलों के आगे नहीं झुकेः मनोज
मनोज ने कहा कि मुगल सेनापति ने दोनों को धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा लेकिन वे नहीं तैयार हुए. उनकी शहादत को 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने कहा कि 26 दिसंबर वह दिन है जब नौ और छह साल के जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने अद्भुत साहस और अटूट विश्वास का परिचय देते हुए अपने प्राणों की आहुति दी. उनके बलिदान को बुलाया नहीं जा सकता है. वे अपने धर्म पर डटे रहे और मुगलों के जुल्म के आगे झुकने से इंंकार कर दिया. जिला उपाध्यक्ष राकेश दुबे ने उनके अदम्य साहस का बखान किया. मौके पर जिला महामंत्री अमलेश सिंह एवं बंशी यादव, कार्यक्रम संयोजक राजेंद्र यादव, शीला देवी, छोटू राजा, रेणु देवी, आशा देवी, विष्णु गुप्ता, अनिल सिंह, आनंद सिंह, प्रमोद प्रसाद, राजू रंजन पांडेय, मनोज प्रसाद, अवधेश चंद्रवंशी, अर्पणा सिंह, बबन मांझी, अश्विनी सिंह प राजू दास समेत कई भाजपाई उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें – 28">https://lagatar.in/on-28th-cm-will-give-gift-to-56-lakh-women-amount-of-mainiya-scheme-will-be-transferred/">28को CM देंगे 56 लाख महिलाओं को तोहफा, मंईयां योजना की राशि होगी ट्रांसफर
Leave a Comment