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भाजपा ने कहा,  झामुमो का वित्त आयोग पर प्रहार शर्मनाक

Ranchi : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की प्रेस वार्ता निशाना साधते हुए कहा कि झामुमो का रवैया राज्य सरकार से भिन्न और विरोधाभासी होता जा रहा है.

एक ओर झारखंड सरकार के प्रतिनिधि वित्त आयोग से मुलाकात कर राज्य की मांगें रखते हैं, वहीं दूसरी ओर झामुमो के प्रवक्ता उसी वित्त आयोग को सार्वजनिक मंचों से कोस रहे हैं. यह दोहरी राजनीति प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास है.

वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था

वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जो भारत के संघीय ढांचे की रीढ़ है. कांग्रेस के शासनकाल में इस संवैधानिक संस्था को किनारे कर, गैर-संवैधानिक योजना आयोग के ज़रिए निर्णय लिये जाते थे.

भाजपा की सरकार ने सत्ता में आने के बाद न सिर्फ योजना आयोग को समाप्त कर नीति आयोग की स्थापना की, बल्कि वित्त आयोग को भी वास्तविक शक्ति और सम्मान प्रदान किया है.

झामुमो के प्रवक्ता इसके विपरीत वित्त आयोग पर अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणी कर रहे हैं, जो संवैधानिक मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है.

योजनाओं और फंडों में भ्रष्टाचार चरम पर

केंद्र सरकार द्वारा झारखंड को दी गयी अधिकांश योजनाओं और फंडों में भ्रष्टाचार चरम पर है. आयुष्मान भारत योजना में भारी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि स्वयं कैग रिपोर्ट कर चुकी है.

जल जीवन मिशन में झारखंड पूरे देश में सबसे फिसड्डी प्रदर्शन कर रहा है.स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत योजना जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य की नाकामी स्पष्ट है.

झारखंड में शहरी विकास का काम चुने हुए जनप्रतिनिधियों की बजाय नौकरशाही के हवाले कर दिया गया है, ताकि मनमानी कर घोटालों को अंजाम दिया जा सके.

हेमंत सरकार को चाहिए कि वह केंद्र सरकार पर आरोप लगाने के बजाय अपने घोटालों और कुप्रबंधन पर नियंत्रण करे.

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